40 वर्षों से अधिक समय तक कांग्रेस की सेवा करने का किया दावा; सरपंच चुनाव में सहयोग नहीं मिलने से थे नाराज, पार्टी भवन सहित अन्य जिम्मेदारियां ब्लॉक अध्यक्ष को सौंपीं
देसूरी। पाली । प्रहलाद सिंह
पंचायतीराज चुनाव में हार के बाद देसूरी के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और सरपंच पद के पूर्व प्रत्याशी मीठालाल सेन ने कांग्रेस पार्टी से संन्यास लेने की घोषणा की है। उनके इस फैसले से स्थानीय कांग्रेस की राजनीति में हलचल मच गई है।
मीठालाल सेन ने बताया कि उन्होंने 40 वर्षों से अधिक समय तक कांग्रेस पार्टी की सेवा की है, लेकिन सरपंच चुनाव के दौरान पार्टी की ओर से उन्हें किसी प्रकार का सहयोग नहीं मिला। इसी बात से नाराज होकर उन्होंने पार्टी से संन्यास लेने का निर्णय लिया है।
पार्टी भवन और अन्य जिम्मेदारियां ब्लॉक अध्यक्ष को सौंपीं
सेन के अनुसार, उनके पास पार्टी भवन और अन्य जो भी जिम्मेदारियां या प्रभार थे, वे सभी ब्लॉक अध्यक्ष को सौंप दिए हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक पार्टी के लिए काम करने के बावजूद चुनाव के दौरान अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने से वे आहत हैं।
मीठालाल सेन लंबे समय से देसूरी क्षेत्र में कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं। पंचायत राजनीति में भी उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती रही है। पंचायत चुनाव में हार के बाद से ही वे पार्टी के रवैये से नाराज चल रहे थे।उनके पार्टी से संन्यास लेने के फैसले को स्थानीय कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।















