सातड़ा में युवा संवाद कार्यक्रम, आदूराम न्यौल बोले—शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार समय की जरूरत
चूरू । पुनीत सोनी
सातड़ा गांव स्थित सरस्वती लाइब्रेरी के प्रांगण में शुक्रवार को युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अखिल राजस्थान किसान-मजदूर-कर्मचारी संयुक्त महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष आदूराम न्यौल ने युवाओं और युवतियों को संबोधित करते हुए उन्हें सामाजिक विवादों से ऊपर उठकर प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होने का आह्वान किया।
न्यौल ने कहा कि युवा पीढ़ी को हिंदू-मुस्लिम और मंदिर-मस्जिद जैसे विवादों में उलझने के बजाय आधुनिक मूलभूत संसाधनों के विकास के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को बड़े और ठोस फैसले लेकर प्रदेश के विकास में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर
न्यौल ने कहा कि राजस्थान में उच्च स्तरीय शिक्षण संस्थानों, महाविद्यालयों, मेडिकल एवं इंजीनियरिंग कॉलेजों, आधुनिक सुविधाओं से युक्त अस्पतालों और बेहतर सड़कों की आवश्यकता है। उनके अनुसार प्रदेश में अभी भी कई क्षेत्रों में मूलभूत संसाधनों की कमी है और आमजन को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को अलग-अलग ज्ञापन भेजकर जर्जर अस्पतालों, महाविद्यालयों, सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों और आयुष चिकित्सालयों के भवनों की स्थिति सुधारने तथा उन्हें आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने की मांग किए जाने की जानकारी दी।
सरकार पर लगाया मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप
न्यौल ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि युवाओं के बीच जातिगत विभाजन को बढ़ावा देकर जनता का ध्यान मंदिर-मस्जिद, हिंदू-मुस्लिम और श्मशान-कब्रिस्तान जैसे मुद्दों की ओर ले जाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे विवादों में उलझने के बजाय युवाओं को शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
नशे से दूर रहने का किया आह्वान
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने युवाओं से नशे की लत से दूर रहने और समाज एवं प्रदेश के विकास में सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया। प्रवक्ता संजू न्यौल ने कहा कि आधुनिक मूलभूत संसाधनों का विस्तार प्रदेश के विकास का आधार है। उनके अनुसार जाति और धर्म से जुड़े विवादों में उलझने से विकास के मुद्दे पीछे छूट सकते हैं। इस अवसर पर सरस्वती संस्थान लाइब्रेरी के संस्थापक गजानंद स्वामी, लालचंद स्वामी, राजेश सैनी, मनीष शर्मा, हरिश न्यौल, दिनेश बुडानिया, कौशल्या न्यौल, माया देवी और निशा मेघवाल सहित बड़ी संख्या में युवा एवं युवतियां मौजूद रहे।













