सीवरेज की सड़ांध और बायोमेडिकल कचरे पर उठे सवाल: माकपा ने प्रभारी मंत्री से मांगी तत्काल दखल

ज्ञापन में प्रशासनिक उदासीनता का आरोप; रोड नंबर-2 पर जाम सीवरेज से बढ़ते स्वास्थ्य जोखिम और डंपिंग यार्ड में मेडिकल वेस्ट निस्तारण को बताया गंभीर चिंता का विषय

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
शहर की सीवरेज व्यवस्था और बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठे हैं। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने जिले के प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि सीवरेज जाम, गंदगी और बायोमेडिकल कचरे के निस्तारण से जुड़े मुद्दों पर बार-बार ध्यान दिलाए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। पार्टी ने इन हालात को जनस्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए चिंता का विषय बताया है। माकपा के मलसीसर तहसील सचिव महिपाल पूनिया ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि शहर के रोड नंबर-2 क्षेत्र में सीवरेज लाइनें लंबे समय से जाम हैं। इसके कारण सड़कों और आसपास के क्षेत्रों में गंदा पानी जमा रहता है, जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा मौसमी एवं संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ रही है। पार्टी के सोशल मीडिया प्रभारी सचिन चोपड़ा ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि शहर के निजी अस्पतालों से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका कहना है कि यह कचरा सामान्य घरेलू कचरे के साथ सॉलिड वेस्ट डंपिंग यार्ड तक पहुंच रहा है, जिससे पर्यावरणीय मानकों के पालन को लेकर चिंताएं पैदा हुई हैं। माकपा नेता अनीश धायल ने बताया कि डंपिंग यार्ड के निकट स्थित गहरी खाई में बरसात के दौरान पानी भर जाता है। पार्टी का दावा है कि यदि कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण नहीं किया गया तो भूजल गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर पार्टी ने मामले की जांच और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस विषय को पूर्व में नगर परिषद और जिला प्रशासन के समक्ष भी उठाया गया था, लेकिन पार्टी के अनुसार अब तक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। माकपा ने प्रभारी मंत्री से हस्तक्षेप कर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने तथा जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि शहर की स्वच्छता, सीवरेज व्यवस्था और कचरा निस्तारण जैसे मुद्दे सीधे तौर पर नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े हैं, इसलिए इन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाना चाहिए। ज्ञापन सौंपने के दौरान सचिन चोपड़ा, रमेश कुमार, अनीश धायल, कपिल चोपड़ा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।