जंक्शन रोडवेज डिपो पर सांकेतिक जाम लगाकर सौंपा ज्ञापन, एमएसपी की कानूनी गारंटी सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन
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हनुमानगढ़।हिमांशु मिड्ढा
भारत छोड़ो दिवस की 84वीं वर्षगांठ के अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान तथा केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के समर्थन में 10 अगस्त को अखिल भारतीय किसान सभा, अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन एवं सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) की ओर से राष्ट्रव्यापी जेल भरो आंदोलन के तहत हनुमानगढ़ जंक्शन में विशाल जनसभा एवं विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। जंक्शन धान मंडी में आयोजित जनसभा में बड़ी संख्या में किसान, खेत मजदूर, श्रमिक, कर्मचारी, महिलाएं एवं युवा शामिल हुए। जनसभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने जंक्शन रोडवेज बस डिपो के समक्ष सांकेतिक जाम लगाकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा अपनी मांगों को लेकर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
इसके बाद करीब 1500 प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तारियां देकर अपना विरोध दर्ज करवाया।जनसभा में वक्ताओं ने कहा कि देश का किसान और मजदूर लगातार आर्थिक संकट से जूझ रहा है। कृषि लागत बढ़ रही है, लेकिन किसानों को फसलों का लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा। खेत मजदूरों को नियमित रोजगार नहीं मिल रहा तथा श्रमिकों के अधिकारों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार से किसानों को सभी फसलों पर सी2 प्लस 50 प्रतिशत के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देने तथा एमएसपी पर सुनिश्चित सरकारी खरीद की व्यवस्था लागू करने की मांग की।
पूर्व विधायक बलवान पूनियां ने कहा कि किसानों और मजदूरों की समस्याओं का समाधान केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि ठोस नीतिगत फैसलों से होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य नहीं मिलने के कारण कृषि संकट लगातार गहरा रहा है। एमएसपी की कानूनी गारंटी किसानों की प्रमुख मांग है और सरकार को इस पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा को मजबूत कर प्रत्येक परिवार को पर्याप्त रोजगार उपलब्ध करवाया जाना चाहिए।रामेश्वर वर्मा ने कहा कि किसानों, खेत मजदूरों और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर कम होने तथा महंगाई बढ़ने से आम परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। मनरेगा में काम शुरू करवाने, मजदूरी का समय पर भुगतान करने और रोजगार के दिनों में बढ़ोतरी की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों की कर्जमाफी तथा किसान आत्महत्या से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग भी उठाई।आत्मा सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों और मजदूरों की लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने चारों श्रम संहिताओं को रद्द करने, श्रमिकों के लिए वैधानिक न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने तथा बिजली के निजीकरण संबंधी प्रस्तावों को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं को मजबूत किया जाना चाहिए तथा एफसीआई को कमजोर करने वाली नीतियों पर रोक लगनी चाहिए।रघुवीर वर्मा ने कहा कि हनुमानगढ़ जिले में मनरेगा के तहत सभी ग्राम पंचायतों में तत्काल काम शुरू करवाया जाए। मजदूरों को नियमित रोजगार देने के साथ निर्धारित मजदूरी का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद, बीज, सिंचाई और फसल बीमा जैसी मूलभूत सुविधाएं उचित दर पर उपलब्ध करवाना आवश्यक है। उर्वरकों की कमी और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने की भी मांग की गई।प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम उपखंड अधिकारी को सौंपे ज्ञापन में भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते का विरोध करते हुए ऐसे सभी मुक्त व्यापार समझौतों की समीक्षा की मांग की, जिनसे भारतीय कृषि, उद्योग और श्रमिकों के हित प्रभावित होते हैं।
कृषि विपणन की प्रस्तावित राष्ट्रीय नीति को रोकने, सभी फसलों पर सी2 प्लस 50 प्रतिशत के आधार पर एमएसपी की कानूनी गारंटी देने, किसानों एवं ग्रामीण मजदूरों की व्यापक कर्जमाफी करने तथा किसान आत्महत्या से प्रभावित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा एवं पुनर्वास देने की मांग रखी गई।इसके अलावा चारों श्रम संहिताओं को रद्द करने, श्रमिकों के लिए 42 हजार रुपये प्रतिमाह वैधानिक न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने, मनरेगा में 200 दिन रोजगार और 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देने, बिजली निजीकरण विधेयक, बीज विधेयक एवं खाद्य सुरक्षा अधिनियम में प्रस्तावित जनविरोधी संशोधनों को वापस लेने की मांग की गई।स्थानीय स्तर पर हनुमानगढ़ जिले की सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य तत्काल शुरू करने, किसानों की फसलों की लाभकारी कीमत एवं एमएसपी पर सरकारी खरीद सुनिश्चित करने, एफसीआई को मजबूत करने, साइलो के निजीकरण पर रोक लगाने, खाद की कालाबाजारी समाप्त करने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने तथा प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को समयबद्ध राहत देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।जनसभा के बाद प्रदर्शनकारी जुलूस के रूप में जंक्शन रोडवेज बस डिपो पहुंचे, जहां सांकेतिक जाम लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। पुलिस एवं प्रशासन की मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तारी दी। करीब 1500 लोगों द्वारा गिरफ्तारियां दिए जाने के बाद आंदोलनकारियों ने इसे किसानों, खेत मजदूरों और श्रमिकों की एकजुटता का प्रदर्शन बताया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। इस मौके पर कामरेड बलवान पूनिया किसान नेता ओम साहू कामरेड रघुवीर वर्मा, कामरेड रामेश्वर वर्मा ,कामरेड आत्मा सिंह, बहादुर सिंह कॉमरेड सुल्तान खान , कामरेड गुरु प्रेम सिंह, कामरेड बलदेव सिंह ,बसंत सिंह,कामरेड चंद्रकला वर्मा ,सर्वजीत कौर, प्रहलाद बिजोलिया, मोहन लोहारा ,नौजवान सभा जिला सचिव देवीलाल, शिक्षक गुरुजी हनुमान जी, रामेश्वर वर्मा , कामरेड गर्णायब सिंह, कामरेड रिशिपाल राठौर, मेडिसिन रिप्रेजेंटेटिव संगठन से दीपक पारीक कामरेड जगदीश यादव कामरेड गुरदेव राम सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
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