दवाइयों की कमी, जांच सुविधाओं के अभाव और बिना उपचार रेफर करने के आरोप; सात दिन में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
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बुहाना । झुंझुनूं ।अजीत जांगिड़
बुहाना के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में व्याप्त अव्यवस्थाओं के विरोध में बुधवार को क्षेत्र के ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अस्पताल के मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन कर स्वास्थ्य सेवाओं में तत्काल सुधार की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव होने से मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है और उन्हें निजी अस्पतालों व लैबों का सहारा लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। धरने के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि अस्पताल में आवश्यक दवाइयों की नियमित उपलब्धता नहीं होने से मरीजों को बाहर से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। वहीं कई महत्वपूर्ण जांच सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को निजी लैब में अधिक खर्च कर जांच करवानी पड़ती है। अस्पताल में सोनोग्राफी जैसी आवश्यक सुविधा नहीं होने से गर्भवती महिलाओं सहित गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर किया जाता है, जिससे उपचार में देरी के साथ आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने चिकित्सकीय सेवाओं पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कई मरीजों को प्राथमिक उपचार दिए बिना ही उच्च केंद्रों पर रेफर कर दिया जाता है। इससे क्षेत्रवासियों में अस्पताल प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। उनका कहना था कि बुहाना सहित आसपास के गांवों की बड़ी आबादी इस अस्पताल पर निर्भर है, लेकिन लगातार बनी अव्यवस्थाओं के कारण आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि अस्पताल में आवश्यक दवाइयों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, आधुनिक जांच सुविधाओं का विस्तार किया जाए, सोनोग्राफी सहित अन्य जरूरी सेवाएं शुरू की जाएं तथा चिकित्सकीय व्यवस्था को सुदृढ़ कर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर अस्पताल की व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं किया गया तो जनसहभागिता के साथ व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। धरना-प्रदर्शन के दौरान एसडीएम मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता कर उनकी मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ। इस दौरान राजपाल सिंह, नरेंद्र सिंह, अजीत, सतीश, विजेंद्र, सुरेश, कृष्ण कुमार, नवीन, अनिल कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।














