महिला सुरक्षा का संकल्प, जागरूकता का संदेश: आईजी के.बी. वंदना ने बालिकाओं को किया प्रेरित

महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की रैली ने दिया सुरक्षा का संदेश

ALSO FOLLOW INTERVIEWER INDIA ON FACEBOOK  YOUTUBE 

झुंझुनूं ।अजीत जांगिड़
राजस्थान पुलिस के “महिला सुरक्षा संकल्प अभियान” के अंतर्गत बुधवार को जेजेटी यूनिवर्सिटी, चुड़ैला में महिला सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अपराध शाखा, राजस्थान जयपुर की महानिरीक्षक पुलिस (आईजी) के.बी. वंदना, आईपीएस ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए छात्राओं को महिला सुरक्षा, सम्मान, आत्मविश्वास एवं उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं और बालिकाएं किसी भी प्रकार की परेशानी या अपराध की स्थिति में बिना किसी संकोच के पुलिस से संपर्क करें। राजस्थान पुलिस हर समय उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र सिंह राजावत तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्यूआईडीटी फूलचंद मीणा। सहित जिले के पुलिस अधिकारी, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की महिला पुलिसकर्मी एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए संचालित विभिन्न सुरक्षा योजनाओं और सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी। इनमें महिला बीट अधिकारी योजना, एंटी रोमियो स्क्वाड, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, वरिष्ठ जन संबल योजना, वाई-सीएलजी , सुरक्षा सखी योजना तथा निःशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण जैसी पहलें प्रमुख रहीं। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के उपाय भी बताए गए। साथ ही महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112, साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं राजकॉप सिटीजन ऐप के प्रभावी उपयोग की जानकारी देते हुए किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस सहायता लेने का संदेश दिया गया। इसके बाद कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की महिला पुलिसकर्मियों ने महिला सुरक्षा जागरूकता रैली निकाली। रैली को आईजी के.बी. वंदना ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में महिला सुरक्षा, सम्मान, अधिकारों, साइबर अपराध से बचाव तथा पुलिस हेल्पलाइन सेवाओं से संबंधित संदेशों वाले पोस्टर और बैनर के माध्यम से आमजन एवं छात्राओं को जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा की भावना को सशक्त बनाना, उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा पुलिस और आमजन के बीच विश्वास, संवाद एवं सहभागिता को और मजबूत करना रहा। राजस्थान पुलिस के इस अभियान को छात्राओं ने सराहते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।