‘कोड चूरू’ पहल को नई उड़ान, राजगढ़ के 122 सरकारी स्कूलों में बनेंगी कोडिंग लैब

नीति आयोग के आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम से मिले 3.5 करोड़ रुपये, विद्यार्थियों को कोडिंग और एआई आधारित शिक्षा से जोड़ा जाएगा

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चूरू। जिले में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया ‘कोड चूरू’ नवाचार अब नए चरण में प्रवेश कर गया है। जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा की पहल पर संचालित इस परियोजना को नीति आयोग के आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के तहत बड़ी सफलता मिली है। कार्यक्रम के अंतर्गत राजगढ़ ब्लॉक के लिए 3.5 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे ब्लॉक के 122 राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में आधुनिक कोडिंग लैब स्थापित की जाएंगी।जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने बताया कि नीति आयोग ने नवाचार श्रेणी में ‘कोड चूरू’ परियोजना का चयन किया है। इम्पावर्ड कमेटी की मंजूरी के बाद प्राप्त बजट का उपयोग विद्यालयों में कंप्यूटर, फर्नीचर और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में किया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय में 6 कंप्यूटर सिस्टम स्थापित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को कोडिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़ी तकनीकी शिक्षा का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सके।उन्होंने बताया कि इस शैक्षणिक सत्र से ही सभी चयनित विद्यालयों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्वेता कोचर की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो परियोजना के क्रियान्वयन और गुणवत्ता की निगरानी करेगी।जिला प्रशासन का मानना है कि इस पहल से सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने, डिजिटल कौशल विकसित करने और भविष्य की प्रतिस्पर्धी चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। ‘कोड चूरू’ कार्यक्रम के माध्यम से जिले में नवाचार आधारित शिक्षा को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।