खेतड़ी I झुंझुनूं I अजीत जांगिड़
केटीएसएस कार्यालय में कार्यकर्ताओं की ओर से बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान केटीएसएस के अध्यक्ष रहे पीएस परमार की पुण्यतिथि मनाई गई। केटीएसएस महासचिव बिड़दूराम सैनी की अध्यक्षता में श्रंद्धाजलि सभा का आयोजन किया गया। बिड़दूराम सैनी ने परमार के जीवन पर प्रकाश डालते हुए परमार के 1972 से 2021 तक योगदान के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि पीएस परमार ने संगठन को मजबूती देने के लिए पचास साल तक अपना योगदान दिया। परमार ने हमेशा ही मजदूर हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिए। केंद्र सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि केंद्र सरकार सिर्फ खोखले वादे कर के सत्ता में आई है। सरकार ने जन उपयोगी सभी सार्वजनिक क्षेत्र को खत्म कर पूंजिपतियों को सौंपने की तैयारी कर रही थी। जिसका एटक के नेतृत्व में विरोध किया गया, जिससे सरकार अपने उदेश्य में सफल नही हो पाई।पीएस परमार 1975 से 2012 तक संगठन में महामंत्री रहते हुए अनेको बार सेवा से निकाले गये एवं जेल भी गये। सैनी ने बताया कि परमार 2012 के बाद अध्यक्ष रहे। उन्होंने बताया कि परमार राष्ट्रीय एटक सचिव, उपाध्यक्ष रहे साथ ही डब्लूएफटीओ के मेटल कांग्रेस के भी उपाध्यक्ष रहे थे। परमार ने मजदूर हितों के लिए हमेशा ही लड़ाई लड़ी। इस मौके पर सचिव बाबूलाल सैनी, ओमप्रकाश लांबा, कोलिहान शाखा सचिव ओमप्रकाश चिराणी,, उमाशंकर शर्मा, रमेश कुमार, शिवकुमार, सुभाष, अमरसिंह, ओमप्रकाश, कुलदीप सक्सैना, नितेश सहित आदि कार्यकर्ताओं ने परमार के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रंद्धाजलि दी।
खेतड़ीनगर में केटीएसएस कार्यकर्ताओं की बैठक का आयोजन, कर्मचारी नेता पीएस परमार की मनाई पुण्यतिथि
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