तेज धमाके से दहला आथूना मोहल्ला, मकान में आई दरारें; पीड़ित परिवार ने मांगा मुआवजा
नवलगढ़। झुंझुनूं I अजीत जांगिड़
कस्बे के वार्ड संख्या-2 स्थित आथूना मोहल्ला में शुक्रवार देर शाम आकाशीय बिजली गिरने से एक मकान को भारी नुकसान पहुंचा है I बिजली गिरने के साथ ही हुए जोरदार धमाके से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। घटना में मकान का बिजली मीटर जल गया, सोलर सिस्टम क्षतिग्रस्त हो गया तथा विद्युत उपकरणों को भी नुकसान पहुंचा। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। पूर्व पार्षद अदनान खत्री ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब 7:10 बजे वार्ड दो निवासी युसूफ काजी के मकान पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। धमाका इतना तीव्र था कि घर में मौजूद लोग घबरा गए, जबकि आसपास के लोगों ने भी कंपन महसूस होने पर अपने घरों से बाहर निकलकर स्थिति का जायजा लिया।
बिजली मीटर जला, सोलर प्लेटें क्षतिग्रस्त हुई
आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मकान के बाहर लगा बिजली मीटर पूरी तरह जल गया। घर के स्विच बोर्ड, डेकोरेशन लाइटें तथा अन्य विद्युत उपकरण भी क्षतिग्रस्त हो गए। कई लाइटें टूटकर नीचे गिर गईं। मकान पर स्थापित सोलर सिस्टम को भी भारी नुकसान पहुंचा। सोलर सिस्टम का तड़ित चालक (लाइटनिंग अरेस्टर) टूटकर दूर जा गिरा, जबकि सोलर प्लेटें भी प्रभावित हुईं।
दीवारों में दरारें, मोहल्ले में दहशत
बिजली गिरने का प्रभाव इतना अधिक था कि मकान की छत और दीवारों में दरारें आ गईं। स्थानीय लोगों के अनुसार धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी और आसपास के मकानों में भी कंपन महसूस हुआ, जिससे कुछ समय के लिए भय और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।घटना की सूचना मिलते ही बिजली निगम की टीम मौके पर पहुंची और तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान लाइन में फॉल्ट मिलने पर सुरक्षा की दृष्टि से मकान का बिजली कनेक्शन अस्थायी रूप से हटाकर बंद कर दिया गया।अदनान खत्री ने बताया कि आकाशीय बिजली के प्रभाव से क्षेत्र स्थित मदीना मस्जिद की वायरिंग भी प्रभावित हुई है, जिससे आसपास की विद्युत व्यवस्था पर असर पड़ा है।
नुकसान का सर्वे कर राहत देने की मांग
घटना के बाद पीड़ित परिवार और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन एवं बिजली निगम से नुकसान का सर्वे करवाकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि प्राकृतिक आपदा से हुए इस नुकसान की भरपाई के लिए सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए। आकाशीय बिजली की इस घटना ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहने और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित कर दिया है।










