राजस्थान की पहली बालिका बनीं पारुल, जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में हुआ चयन; चूरू में हुआ भव्य सम्मान
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चूरू। राजगढ़ तहसील के हाशियावास गांव की बेटी पारुल चौधरी ने बैडमिंटन में शानदार उपलब्धि हासिल कर चूरू ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान का नाम रोशन किया है। भुवनेश्वर में आयोजित ऑल इंडिया अंडर-19 गर्ल्स बैडमिंटन टूर्नामेंट में पारुल ने तमिलनाडु की दीक्षा को 21-18, 15-7 के अंतर से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ पारुल ऑल इंडिया अंडर-19 बैडमिंटन प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली राजस्थान की पहली बालिका खिलाड़ी बनी हैं। उनकी इस उपलब्धि पर चूरू में चूरू बैडमिंटन संघ की अध्यक्षता में शटल स्टार्स एकेडमी की ओर से भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाएंगी दमखम
पारुल के शानदार प्रदर्शन का असर राष्ट्रीय स्तर तक ही सीमित नहीं रहा। उनके प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन इजिप्ट में होने वाली बीडब्ल्यूएफ जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में किया गया है। पारुल के अंतरराष्ट्रीय चयन की खबर से चूरू जिले के खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों में खुशी का माहौल है।
परिवार और कोच को दिया सफलता का श्रेय
सम्मान समारोह में पारुल के पिता मनोज चौधरी, माता सुनीता चौधरी और चाचा सुनील चौधरी भी मंच पर मौजूद रहे। चूरू बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष किशोर राजपाल ने पारुल को साफा एवं मेडल पहनाकर सम्मानित किया।इस अवसर पर डॉ. एफ.एच. गौरी, ठाकुर मल शर्मा, सुनील स्वामी, जेपी बाकोलिया, शकील दुर्रानी, महिपाल, कपिल, मोहित, नारायण स्वामी और सौरभ स्वामी सहित अन्य लोगों ने पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न भेंट कर पारुल का अभिनंदन किया।पारुल की सफलता में उनके पिता मनोज चौधरी और कोच मनोज शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। निरंतर अभ्यास, परिवार के सहयोग और कोचिंग के दम पर पारुल ने यह मुकाम हासिल किया।
“मेहनत और हौसलों से ही मंजिल मिलती है”
सम्मान समारोह में पारुल ने अपनी सफलता का संदेश देते हुए कहा, “मेहनत और हौसलों से ही मंजिल मिलती है। पंखों से नहीं, हौसलों से उड़ान होती है।”पारुल की इस उपलब्धि से उनके गांव हाशियावास, राजगढ़ क्षेत्र और पूरे चूरू जिले में गर्व और खुशी का माहौल है। राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए भारतीय टीम में उनका चयन क्षेत्र के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का बड़ा अवसर बन गया है।












