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एस.एस. मोदी विद्या विहार में गूंजी ‘जय कन्हैया लाल की’—दही हांडी में हिमालय सदन का दबदबा

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, राधा-कृष्ण की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
गौरव पथ स्थित एस.एस. मोदी विद्या विहार में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव श्रद्धा, उल्लास और भारतीय संस्कृति की जीवंत झलकियों के साथ धूमधाम से मनाया गया। विद्यालय परिसर में सजी आकर्षक झांकियों, राधा-कृष्ण की मनमोहक प्रस्तुतियों, रंगोली, फैंसी ड्रेस तथा रोमांचक अंतरसदनीय दही हांडी प्रतियोगिता ने कार्यक्रम में विशेष रंग भर दिया। पूरे परिसर में “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष गूंजते रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं भारत विकास परिषद, राजस्थान प्रांत के पालक कैलाश चंद्र, जिला संघ चालक मान सिंह तथा भारत विकास परिषद झुंझुनूं शाखा अध्यक्ष जिम्मी मोदी का विद्यालय समन्वयक मनीष अग्रवाल एवं प्राचार्य विजय मसीह ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ ध्यान एवं प्रार्थना सभा से हुआ। प्राचार्य विजय मसीह ने विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं शिक्षाओं से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन अनेक चुनौतियों से भरा रहा, लेकिन उन्होंने हर परिस्थिति का सामना धैर्य, साहस, विवेक और दृढ़ संकल्प के साथ किया। विद्यार्थियों को भी अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयास करते हुए पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से कर्म करते रहना चाहिए। विद्यालय समन्वयक मनीष अग्रवाल ने कहा कि जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कारों और जीवन मूल्यों को समझने का अवसर भी है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने के साथ उनमें प्रेम, मित्रता, कर्तव्यनिष्ठा, साहस और मानवता जैसे गुणों का विकास करते हैं। मुख्य अतिथि कैलाश चंद्र ने श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्रधारी स्वरूप को आदर्श बनाने का आह्वान किया। उन्होंने धर्म की स्थापना और अधर्म के नाश के लिए श्रीकृष्ण के चरित्र की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए महाभारत के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से उनके कूटनीतिक एवं राजनीतिक व्यक्तित्व को सामने रखा। जन्माष्टमी महोत्सव का प्रमुख आकर्षण इंटर हाउस दही हांडी प्रतियोगिता रही। विद्यालय के चारों सदनों के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और टीम भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया। छात्राओं की दही हांडी प्रतियोगिता में हिमालय सदन ने प्रथम, अरावली सदन ने द्वितीय, विंध्या सदन ने तृतीय तथा शिवालिक सदन ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। वहीं छात्रों ने पिरामिड बनाकर ऊंचाई पर बंधी दही हांडी फोड़ने के लिए जोरदार मुकाबला किया। कड़े संघर्ष के बाद हिमालय सदन के छात्रों ने दही हांडी फोड़कर प्रथम स्थान हासिल किया। अरावली सदन द्वितीय, विंध्या सदन तृतीय तथा शिवालिक सदन चतुर्थ स्थान पर रहा।विद्यार्थियों के उत्साह और जोश से विद्यालय परिसर तालियों एवं जयघोष से गूंज उठा। प्राचार्य विजय मसीह ने कहा कि दही हांडी जैसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करने के साथ उन्हें भारतीय संस्कृति से जोड़ते हैं। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने राधा-कृष्ण की वेशभूषा में मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। नन्हे-मुन्ने बच्चे राधा-कृष्ण के रूप में आकर्षण का केंद्र रहे। विद्यार्थियों के रास एवं नृत्य, कृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित प्रस्तुतियों तथा कृष्ण-राधा को झूला झुलाने की प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। विद्यालय में आयोजित अंतरसदनीय रंगोली प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। रंगोली में श्रीकृष्ण की लीलाओं, राधा-कृष्ण की छवियों, भारतीय संस्कृति एवं देशभक्ति से जुड़े आकर्षक चित्रों को कलात्मक रूप में उकेरा गया। प्री-प्राइमरी कक्षाओं के नन्हे विद्यार्थियों के लिए फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें बच्चे श्रीकृष्ण एवं राधा की वेशभूषा में बेहद मनमोहक नजर आए। कार्यक्रम का मंच संचालन कनिष्का मीणा एवं तानी मीणा ने प्रभावी ढंग से किया। विद्यालय के शिक्षकगण ने भी उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में सहभागिता की और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मुम्बई प्रवासी ट्रस्टी शशिकांत मोदी, गीलुराम मोदी, सौरभ मोदी, प्रियंक मोदी एवं कनिका मोदी ने सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं प्रेषित कीं। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने एक-दूसरे को जन्माष्टमी पर्व की शुभकामनाएं दीं।

 

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