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25 वर्ष की सेवा नहीं, सुशासन और सामाजिक सरोकारों की प्रेरक गाथा है आईएएस नवीन जैन की प्रशासनिक यात्रा

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नवीन जैन का झुंझुनूं में अभिनंदन, नवाचार, जनभागीदारी और संवेदनशील प्रशासन को लेकर योगदान को सराहा

झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
भारतीय प्रशासनिक सेवा में 25 वर्ष की गौरवपूर्ण सेवा पूर्ण करने पर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नवीन जैन के झुंझुनूं आगमन पर प्रबुद्धजनों की ओर से अभिनंदन किया गया। इस दौरान उनके प्रशासनिक योगदान, नवाचारपूर्ण कार्यशैली, जन-केंद्रित सोच और सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र खीचड़ ने कहा कि राजस्थान कैडर के अधिकारी के रूप में नवीन जैन की 25 वर्ष की प्रशासनिक यात्रा नेतृत्व, जनसेवा और नवाचार के विविध आयामों से समृद्ध रही है। उन्होंने स्कूल शिक्षा, पंचायती राज, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, वित्त, योजना एवं सांख्यिकी तथा सामान्य प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारियों का प्रभावी निर्वहन किया। जिला कलेक्टर के रूप में बारां, हनुमानगढ़, राजसमंद एवं करौली में उनके कार्यकाल को जनहित आधारित प्रशासन और नवाचार के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है। इसके अलावा राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम ( आर.एस.आर.टी.सी. ) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ( एनएचएम ) राजस्थान में भी उन्होंने महत्वपूर्ण नेतृत्वकारी भूमिका निभाई।

‘पद महत्वपूर्ण नहीं, पद के माध्यम से समाज में आया बदलाव महत्वपूर्ण’

शिक्षाविद दीपेन्द्र बुडानिया ने कहा कि नवीन जैन की 25 वर्ष की प्रशासनिक यात्रा पदों और जिम्मेदारियों की सूची मात्र नहीं, बल्कि जनविश्वास, नवाचार और सकारात्मक परिवर्तन की यात्रा है। उन्होंने प्रशासन को संवेदनशील एवं जनभागीदारी आधारित बनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि नवीन जैन की सोच रही है कि “पद महत्वपूर्ण नहीं, पद के माध्यम से समाज में पैदा किया गया परिवर्तन महत्वपूर्ण है।” प्रशासन की वास्तविक सफलता फाइलों के निस्तारण में नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में आने वाले सकारात्मक बदलाव में दिखाई देती है।

21 लाख से अधिक लोगों तक पहुंचा ‘स्पर्श अभियान’

स्पर्श वॉलंटियर प्रमेन्द्र कुल्हार ने बच्चों एवं किशोरों की व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए नवीन जैन के नेतृत्व में संचालित ‘स्पर्श अभियान’ को उनके सामाजिक सरोकारों का उल्लेखनीय उदाहरण बताया। उन्होंने बताया कि पेपरलेस एवं ऑफिसलेस जन-स्वयंसेवी मॉडल पर संचालित इस अभियान से अब तक 21 लाख से अधिक विद्यार्थी, शिक्षक एवं अभिभावक लाभान्वित हो चुके हैं। अभियान ने जनभागीदारी और सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में दो विश्व रिकॉर्ड भी स्थापित किए हैं। कुल्हार ने कहा कि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नवीन जैन की कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता प्रशासनिक सोच को सामाजिक संवेदनशीलता से जोड़ना है। उनके नेतृत्व में कई पहल केवल सरकारी कार्यक्रम बनकर नहीं रहीं, बल्कि जनसहभागिता के माध्यम से व्यापक सामाजिक अभियानों का रूप लेती गईं।

‘25 वर्ष मंजिल नहीं, बड़े उद्देश्य के लिए नई जिम्मेदारी का संकल्प’

अभिनंदन समारोह में वक्ताओं ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में 25 वर्ष पूर्ण करना उपलब्धि जरूर है, लेकिन नवीन जैन की यात्रा की खासियत यह है कि उन्होंने प्रशासनिक दायित्वों के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव और जनभागीदारी को प्राथमिकता दी। उनकी कार्यशैली ने यह संदेश दिया कि संवेदनशील प्रशासन आमजन के विश्वास को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र खीचड़, डाइट प्रभागाध्यक्ष दीपेन्द्र बुडानिया, शिक्षाविद प्रमेन्द्र कुल्हार, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी राजेश हलवान, शिक्षाविद रमेश पूनिया, सुनील सोमरा, सत्यनारायण शर्मा, रतिराम धीवा, मनोज झाझड़िया, अजय बिंदल, श्रीराम एवं मनोहर कोलही सहित अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।नवीन जैन ने अभिनंदन एवं शुभकामनाओं के लिए सभी उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया। अंत में प्रबुद्धजनों ने उनके स्वस्थ, उज्ज्वल एवं प्रेरणादायी भविष्य की मंगलकामना की।

 

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