ईडब्ल्यूएस के मुद्दे पर झुंझुनूं में सियासी और सामाजिक मंच एकजुट, पंचायती राज में आरक्षण लागू करने की बुलंद मांग

पूर्व आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेन्द्र सिंह राठौड़ बोले—ईडब्ल्यूएस को मिले समान अधिकार, राजस्थान मॉडल पूरे देश में लागू हो

झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग ( ईडब्ल्यूएस ) के मुद्दे पर रविवार को झुंझुनूं स्थित श्री शार्दूल राजपूत छात्रावास में आयोजित ईडब्ल्यूएस जनजागृति मंच की विचार गोष्ठी एवं प्रेस वार्ता राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही। कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एक मंच पर नजर आए तथा ईडब्ल्यूएस आरक्षण के सरलीकरण, प्रभावी क्रियान्वयन और पंचायती राज संस्थाओं व स्थानीय निकायों में ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर एक स्वर में आवाज उठाई। कार्यक्रम का आयोजन यशवर्धन सिंह ने किया। मुख्य वक्ता एवं पूर्व आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के पात्र परिवारों को संविधान द्वारा मिले अधिकारों का वास्तविक लाभ दिलाना सरकारों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाना चाहिए, ताकि पात्र लोगों को अनावश्यक प्रशासनिक बाधाओं का सामना नहीं करना पड़े। राठौड़ ने कहा कि केवल सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों तक ही नहीं, बल्कि पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों में भी ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में आवश्यक कदम बताते हुए कहा कि अब इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर ठोस नीति बनाने की जरूरत है।गोष्ठी में यह भी मांग उठाई गई कि राजस्थान सरकार द्वारा ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र के सरलीकरण, आयु-सीमा में छूट तथा अन्य सकारात्मक प्रावधानों को पूरे देश में लागू किया जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के पात्र परिवारों को समान अवसर मिल सकें। कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश यह रहा कि भाजपा, कांग्रेस तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों ने एक मंच पर उपस्थित होकर ईडब्ल्यूएस के मुद्दे पर साझा समर्थन व्यक्त किया। इससे यह संकेत भी मिला कि ईडब्ल्यूएस से जुड़े मुद्दे अब केवल सामाजिक नहीं, बल्कि राजनीतिक विमर्श के केंद्र में भी आते जा रहे हैं। इस अवसर पर विप्र फाउंडेशन के जिला संयोजक उमाशंकर महमिया, डीसीसी के पूर्व जिलाध्यक्ष ख़लील बुडाना, वैश्य समाज के बजरंग अग्रवाल, कायमखानी समाज के प्रदेश संयोजक कर्नल शौकत अली ख़ान, कायमखानी महासभा के उम्मेद ख़ान, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जगदीश खाजपुरिया तथा राजेन्द्र शर्मा सहित विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि मंच पर उपस्थित रहे। गोष्ठी में जिले की सभी तहसीलों से बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन, युवा, विद्यार्थी एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि ईडब्ल्यूएस से जुड़े लंबित मुद्दों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो इस विषय को व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप देने पर भी विचार किया जाएगा। कार्यक्रम ने जिले में ईडब्ल्यूएस अधिकारों को लेकर बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और सामाजिक एकजुटता का स्पष्ट संदेश दिया।