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चूरू सहकारी बैंक ने 93,580 किसानों को बांटे 660.79 करोड़ रुपये के ऋण

चूरू केंद्रीय सहकारी बैंक की 66वीं वार्षिक साधारण सभा में शामिल अधिकारी, जनप्रतिनिधि और सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि

66वीं वार्षिक साधारण सभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लेखे और आगामी बजट समेत सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित, बैंक ने अर्जित किया 2.01 करोड़ का कार्यकारी लाभ

चूरू। चूरू केंद्रीय सहकारी बैंक ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के 93,580 किसानों एवं नागरिकों को विभिन्न ऋण योजनाओं के तहत 660.79 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया। इस दौरान बैंक ने 2.01 करोड़ रुपये का कार्यकारी लाभ अर्जित किया। बैंक की 66वीं वार्षिक साधारण सभा मंगलवार को दादाबाड़ी भवन में आयोजित हुई। सभा में वर्ष 2025-26 के अंकेक्षित लेखों, ऑडिट रिपोर्ट, आगामी बजट और विकास कार्ययोजना सहित विभिन्न प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। सभा की अध्यक्षता प्रशासक एवं जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने की, जबकि विधायक हरलाल सहारण की उपस्थिति रही। इसमें जिले की 217 सदस्य सहकारी संस्थाओं के अध्यक्ष एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैंक का एनपीए घटकर 2.68 प्रतिशत पर पहुंचा

जिला कलेक्टर एवं बैंक प्रशासक अभिषेक सुराणा ने बैंक की वित्तीय स्थिति और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में बैंक ने 2.01 करोड़ रुपये का कार्यकारी लाभ अर्जित किया। इस अवधि में 93,580 किसानों एवं नागरिकों को कुल 660.79 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया।उन्होंने बताया कि बैंक का गैर निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) स्तर 2.68 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 0.82 प्रतिशत कम है। बैंक की वित्तीय स्थिति में सुधार के साथ किसानों को ऋण सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

192 ग्राम सेवा सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण

कलेक्टर ने सहकारिता क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 23 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा 13 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में गोदाम निर्माण की स्वीकृति मिली है।जिले की 40 भवनविहीन ग्राम सेवा सहकारी समितियों के लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव भेजे गए थे, जिनमें से 22 समितियों को स्वीकृति मिल चुकी है। वहीं, जिले की 192 ग्राम सेवा सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण किया जा चुका है।

बजट और विकास कार्ययोजना सहित सभी प्रस्ताव पारित

सभा में बैंक के प्रबंध निदेशक मदनलाल ने गत आमसभा की कार्यवाही प्रस्तुत की। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंकेक्षित लेखे, ऑडिट रिपोर्ट की अनुपालना, बजट स्वीकृति, अधिक हुए व्ययों की पुष्टि, वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट अनुमोदन, विकास कार्ययोजना, अधिकतम साख सीमा तथा वैधानिक अंकेक्षक की नियुक्ति सहित विभिन्न प्रस्ताव सदन के समक्ष रखे गए। इन प्रस्तावों पर चर्चा के बाद सभी को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।

समिति अध्यक्षों ने उठाईं किसानों से जुड़ी मांगें

सभा में सदस्य सहकारी संस्थाओं के अध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों ने किसानों को अधिक ऋण उपलब्ध कराने, समय पर खाद-बीज मुहैया कराने और गोपाल क्रेडिट कार्ड के ऋणी सदस्यों को दोबारा ऋण वितरण शुरू करने की मांग रखी।इसके साथ ही सहकारी समितियों को भूमि आवंटन, गोदाम निर्माण, नवगठित समितियों में ऋण वितरण बढ़ाने सहित विभिन्न मुद्दे उठाए गए। प्रतिनिधियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने और किसानों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर

विधायक हरलाल सहारण ने ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को सहकारिता से जोड़ने और सहकारी समितियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार के स्तर पर प्रयास करने का आश्वासन दिया।उप रजिस्ट्रार सहकारी विभाग कैलाश चंद्र सैनी ने केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से ‘सहकार से समृद्धि’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की बात कही। कृषि विभाग के उपनिदेशक कुलदीप शर्मा ने सहकारी संस्थाओं से जुड़े किसानों को विभागीय योजनाओं का अधिकाधिक लाभ दिलाने और

समय पर बीज उपलब्ध कराने की उठी मांग

वहीं, इफ्को प्रबंधक अजय जाखड़ ने यूरिया एवं डीएपी की उपलब्धता में सहकारी संस्थाओं को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।सर्वाधिक अमानतें जमा कराने वाली सात संस्थाएं सम्मानित सभा के समापन अवसर पर विधायक हरलाल सहारण, जिला कलेक्टर एवं प्रशासक अभिषेक सुराणा तथा बैंक के प्रबंध निदेशक मदनलाल ने बैंक में सर्वाधिक अमानतें जमा करवाने वाली सात सहकारी संस्थाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रबंधक संगीता राठौड़ ने किया।

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