नोहर फीडर और सिद्धमुख कैनाल में पूरा पानी नहीं मिलने का मामला उठा; 200 से अधिक गांवों की पेयजल योजना और JJM के अधूरे कामों पर भी मांगी तत्काल कार्रवाई
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नई दिल्ली। चूरू संसदीय क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे सिंचाई और पेयजल संकट को लेकर सांसद राहुल कस्वां ने मंगलवार को केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात की। सांसद ने क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों से जुड़े कई महत्वपूर्ण जल मुद्दों को केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखते हुए इनके शीघ्र समाधान की मांग की।
नोहर फीडर और सिद्धमुख कैनाल में पानी की कमी का मुद्दा
सांसद कस्वां ने नोहर फीडर और JSN सिस्टम में राजस्थान के हिस्से का पूरा पानी नहीं मिलने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि BBMB की ओर से इस सिस्टम के लिए 226 क्यूसेक पानी आवंटित है, लेकिन उनके अनुसार पिछले दो महीने से अधिक समय से किसानों को केवल करीब 60 प्रतिशत पानी ही मिल पा रहा है।सांसद ने कहा कि वर्तमान में बारिश का मौसम होने के बावजूद राजस्थान के हिस्से के पानी को लेकर समस्या बनी हुई है। उनके अनुसार पंजाब से हरियाणा और राजस्थान के लिए निर्धारित 2000 क्यूसेक पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद हरियाणा की ओर से राजस्थान के हिस्से का पूरा पानी नहीं दिया जा रहा।उन्होंने बताया कि नोहर फीडर एवं सिद्धमुख कैनाल के लिए 850 क्यूसेक पानी आवंटित है। पानी की उपलब्धता के बावजूद किसानों को पूरा हिस्सा नहीं मिलने से स्थिति गंभीर होती जा रही है। यहां तक कि पेयजल व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसानों के खेतों के मोघे बंद करने की स्थिति बन गई है।सांसद ने केंद्रीय मंत्री से मांग की कि इस समस्या का तत्काल समाधान कर राजस्थान को आवंटित पानी की पूरी उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसानों का आंदोलन और व्यापक हो सकता है।
धनासर फीडर से 200 से ज्यादा गांवों को पानी पहुंचाने की मांग
राहुल कस्वां ने धनासर फीडर से जुड़े पेयजल प्रोजेक्ट का मुद्दा भी केंद्रीय मंत्री के सामने रखा। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत चूरू संसदीय क्षेत्र के 200 से अधिक गांवों को धनासर फीडर से पेयजल उपलब्ध कराने की योजना तैयार की गई थी।सांसद के अनुसार इस योजना के लिए करीब 231 करोड़ रुपये के कार्यों के टेंडर प्रस्तावित हैं और स्वीकृति के लिए प्रक्रिया आगे भेजी जा चुकी है, लेकिन लंबे समय से अंतिम स्वीकृति नहीं मिलने के कारण योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।उन्होंने राजस्थान सरकार को आवश्यक निर्देश देकर जल्द से जल्द कार्यादेश जारी करवाने की मांग की, ताकि क्षेत्र के गांवों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
राजगढ़ में बनी टंकियां पाइपलाइन से जोड़ने की मांग
सांसद ने राजगढ़ तहसील में जल जीवन मिशन के लंबित कार्यों की स्थिति भी बताई। उन्होंने कहा कि योजना के तहत 19 टंकियों का निर्माण होना था, जिनमें से 17 टंकियों का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन कई टंकियों को पाइपलाइन से नहीं जोड़े जाने के कारण गांवों में पेयजल संकट बना हुआ है।उन्होंने बताया कि कुछ गांवों में टंकियों को चालू करने के लिए केवल थोड़ी पाइपलाइन बिछाने की आवश्यकता है। कार्य में डेविएशन के कारण करीब 38 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की आवश्यकता है, जिसकी स्वीकृति करीब दो वर्षों से लंबित है।सांसद के अनुसार रतनपुरा, अमरपुरा और नुहन्द सहित कई गांवों के लोग पेयजल समस्या को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
सुजानगढ़ और रतनगढ़ की JJM योजनाओं के लिए बजट स्वीकृति मांगी
इसी तरह सुजानगढ़ और रतनगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत बनी टंकियों को पाइपलाइन से जोड़ने का मामला भी उठाया गया। सांसद ने बताया कि इन क्षेत्रों में टंकियों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन पाइपलाइन से कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण कातर, अमरसर, कांधलसर, तेहनदेसर सहित कई गांवों में पेयजल संकट बना हुआ है।उन्होंने बताया कि संबंधित JJM योजनाओं में डेविएशन के कारण करीब 45 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की आवश्यकता है, जिसकी स्वीकृति लगभग दो वर्षों से लंबित है।सांसद राहुल कस्वां ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री से मांग की कि लंबित बजट और आवश्यक स्वीकृतियां जल्द जारी करवाई जाएं, ताकि अधूरी पेयजल योजनाओं को पूरा कर ग्रामीणों के घरों तक नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।














