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आरटीई भुगतान में आ रही बाधाओं को दूर करने की मांग

एसआरएस प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन, अवैध प्ले स्कूलों पर कार्रवाई की उठाई मांग

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हनुमानगढ़ । हिमांशु मिढ्ढा
एस.आर.एस. प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, हनुमानगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को विभिन्न मांगों को जिलाध्यक्ष सुरेश शर्मा व संगठन मंत्री राजेश मिड्ढा के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरटीई (शिक्षा का अधिकार) पुनर्भरण बिलों के भुगतान में आ रही जटिलताओं, विभाग द्वारा गठित चार सदस्यीय जांच समिति की कार्यप्रणाली, बिना मान्यता संचालित हो रहे प्ले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई तथा निजी विद्यालयों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान करने की मांग की गई।एसोसिएशन ने ज्ञापन में बताया कि सत्र 2021-22, 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 के आरटीई पुनर्भरण बिलों के साथ केवल हनुमानगढ़ जिले में ही आरटीई मान्यता की प्रति संलग्न करने की अतिरिक्त बाध्यता लगाई जा रही है। उनका कहना है कि यह प्रक्रिया अनावश्यक रूप से जटिल है, जिससे अनेक विद्यालयों के बिल पास होने में कठिनाई आ रही है। यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ तो बजट लैप्स होने की आशंका है, जिसका सीधा असर निजी विद्यालयों की आर्थिक व्यवस्था पर पड़ेगा।ज्ञापन में विभाग द्वारा सत्र 2025-26 के बिलों की जांच के लिए गठित चार सदस्यीय समिति का भी उल्लेख किया गया। एसोसिएशन का कहना है कि इस समिति के कारण भुगतान प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब हो रहा है। उन्होंने मांग की कि जांच प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए तथा पात्र विद्यालयों के बिलों पर शीघ्र ‘पास ऑर्डर’ जारी किए जाएं।प्रतिनिधिमंडल ने पुराने सत्रों के क्रम में भुगतान किए जाने की व्यवस्था पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि पहले सत्र 2021-22 और उसके बाद क्रमशः अन्य सत्रों का भुगतान होने से विद्यालयों को लंबे समय तक आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से भुगतान प्रक्रिया को व्यावहारिक बनाकर विद्यालयों को समय पर राशि उपलब्ध कराने की मांग की।एसोसिएशन ने जिले में बिना मान्यता प्ले स्कूलों की आड़ में प्राथमिक कक्षाओं का संचालन किए जाने का मुद्दा भी उठाया। ज्ञापन में कहा गया कि ऐसे संस्थानों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई नहीं होने से नियमों का पालन करने वाले मान्यता प्राप्त विद्यालयों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने ऐसे अवैध रूप से संचालित संस्थानों के विरुद्ध तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की।इसके अलावा शून्य नामांकन (जीरो एनरोलमेंट) वाले विद्यालयों के मामलों का भी न्यायसंगत समाधान निकालने की मांग की गई। एसोसिएशन ने शिक्षा मंत्री से आग्रह किया कि आरटीई पुनर्भरण की प्रक्रिया से गैर-जरूरी बाध्यताओं को समाप्त कर भुगतान में तेजी लाई जाए, बजट को लैप्स होने से बचाया जाए तथा मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।इस अवसर पर संरक्षक एसडी जोरा, जिलाध्यक्ष सुरेश शर्मा, संगठन मंत्री राजेश मिड्ढा, तहसील अध्यक्ष (ग्रामीण) विजय सिंह चौहान, तहसील अध्यक्ष (शहरी) गुरप्रीत सिंह जिला महासचिव भारत भूषण कौशिक ,अशोक सुथार, महावीर पंचारिया, रमेश बजाज, दीपक कश्यप ,आरके त्यागी, मलकीत सिंह मान, कैलाश सीवर, कुंदन मिड्ढा, जसवंत ढिल्लो, राजेश वर्मा, विवेक भार्गव, रमेश बजाज, महेंद्र भादरा, भगीरथ सैन, कुलवंत सुथार, साहबराम बिल्लू, राजेश दादरी, परवीन गोयप, प्रवीण वर्मा, पंकज रोकना, शिव कुमार सारस्वत सहित एसोसिएशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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