एफर्ट्स ने 43 प्रतिभाओं को दिए 10.35 लाख के छात्रवृत्ति चेक, आर्थिक अभाव अब नहीं बनेगा सपनों की राह में बाधा

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झुंझुनूं में आयोजित 12वें चेक वितरण समारोह में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, चयनित प्रतिभाओं ने संस्था को दिया सफलता का श्रेय

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झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान देने के उद्देश्य से कार्यरत सामाजिक संस्था एफर्ट्स ने रविवार को अंबेडकर भवन में आयोजित अपने 12वें छात्रवृत्ति चेक वितरण समारोह में अनुसूचित जाति वर्ग के 43 विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कुल 10 लाख 35 हजार रूपये की छात्रवृत्ति प्रदान की। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को प्रतीकात्मक डमी चेक सौंपे गए तथा नवचयनित प्रतिभाओं का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। समारोह में एफर्ट्स संस्था से छात्रवृत्ति प्राप्त कर विभिन्न सरकारी सेवाओं में चयनित हुईं व्याख्याता मीरा निर्मल, शिक्षिका पूजा पातुसरी तथा नवचयनित शिक्षक कमल कल्याण शिथल विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इनके अलावा मुख्य वक्ता डॉ. निरंजन चिरानिया, पंजाब नेशनल बैंक के उपप्रबंधक संदीप चावला, मुकुल हमीरवास, ओमप्रकाश भूरिया, रामस्वरूप रसोड़ा, ताराचंद देवठिया, तनसुख सानेल, मालदेव और मनोज भूरिया सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

पहली सैलरी संस्था को समर्पित करने की घोषणा

कार्यक्रम में अपने अनुभव साझा करते हुए नवचयनित व्याख्याता मीरा निर्मल ने कहा कि उनकी सफलता के पीछे एफर्ट्स संस्था का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। संस्था के मार्गदर्शन, प्रेरणा और सहयोग के कारण ही वह आज व्याख्याता बनने का सपना पूरा कर सकी हैं। उन्होंने भावुक होकर अपनी पहली सैलरी संस्था को भेंट करने तथा भविष्य में भी हरसंभव सहयोग देने की घोषणा की। वहीं शिक्षिका पूजा पातुसरी और शिक्षक कमल कल्याण शिथल ने भी अपने चयन का श्रेय एफर्ट्स संस्था को देते हुए कहा कि आर्थिक सहायता और निरंतर मोटिवेशन ने उन्हें लक्ष्य तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मिला आर्थिक संबल

संस्था पदाधिकारियों ने बताया कि एफर्ट्स झुंझुनूं जिले के उन मेधावी विद्यार्थियों के लिए कार्य कर रही है, जो आर्थिक तंगी के कारण 12वीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पाते। संस्था ऐसे विद्यार्थियों को आर्थिक सहयोग के साथ-साथ मार्गदर्शन और प्रेरणा भी उपलब्ध कराती है। इस वर्ष नीट, आईआईटी, यूपीएससी, आरएएस तथा अन्य उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे 26 विद्यार्थियों को 30-30 हजार रूपये की दर से कुल 7 लाख 80 हजार रूपये की छात्रवृत्ति दी गई। इसके अलावा पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी, शिक्षक, व्याख्याता, पुलिस सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे 17 विद्यार्थियों को 15-15 हजार रूपये की दर से कुल 2 लाख 55 हजार रूपये की सहायता राशि प्रदान की गई। इस प्रकार कुल 43 विद्यार्थियों को 10 लाख 35 हजार रूपये के छात्रवृत्ति चेक वितरित किए गए।मुख्य वक्ता डॉ. निरंजन चिरानिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए एकाग्रता, अनुशासन और निरंतर मेहनत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से लक्ष्य निर्धारित कर पूरी निष्ठा के साथ तैयारी करने का आह्वान किया I कार्यक्रम के दौरान समाज के भामाशाहों ने भी संस्था के कार्यों में सहयोग देने की घोषणा की। मुकुल हमीरवास ने 11 हजार रूपये, लीलाधर चौहान एवं अम्मीलाल गोठवाल ने 2100-2100 रूपये तथा रामनिवास महरिया ने 1100 रूपये की सहयोग राशि प्रदान की।

नवचयनित प्रतिभाओं व अतिथियों का हुआ सम्मान

समारोह में संस्था की ओर से नवचयनित प्रतिभाओं को एफर्ट्स का प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही अतिथियों का भी अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में एफर्ट्स संस्था के सक्रिय सदस्य इंद्राज सिंह भूरिया, डॉ. राकेश माहिच, डॉ. महेश सरोवा, सीताराम बास बुडाना, मनेश्वर सिरोवा, सुनील गोठवाल, जितेंद्र गर्वा, संदीप टंडन, राजेश हरिपुरा, सुनील कलिया, डॉ. महेंद्र सानेल, डॉ. सुरेश शिला, राकेश तूनवाल, महेश जसरापुर, नरेंद्र कहडायला, अमरसिंह नारनौलिया, डॉ. अरविंद नारनौलिया, अजय वर्मा, करण चूड़ी एवं एडवोकेट महेश नारनौलिया सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। एफर्ट्स झुंझुनूं जिले की ऐसी अग्रणी सामाजिक संस्था है, जो अनुसूचित जाति वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नियमित रूप से छात्रवृत्ति, मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान कर रही है। संस्था अब तक सैकड़ों विद्यार्थियों के सपनों को नई दिशा दे चुकी है।