संभागीय आयुक्त वी. सरवण कुमार ने झुंझुनूं में कसी प्रशासनिक नब्ज

ग्रामीण-शहरी सेवा शिविरों का किया निरीक्षण, योजनाओं की प्रगति पर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, लाभार्थियों को पट्टे व पोषण किट वितरित, समीक्षा बैठक में बजट घोषणाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की

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झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
जयपुर संभाग के संभागीय आयुक्त वी. सरवण कुमार ने गुरूवार को झुंझुनूं जिले के दौरे के दौरान ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों का निरीक्षण कर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत परखी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पहुंचे तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। संभागीय आयुक्त ने सबसे पहले ग्राम पंचायत अरड़ावता में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए काउंटरों का अवलोकन किया और शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से सीधे संवाद कर योजनाओं से मिल रहे लाभ और सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सेवा शिविर केवल औपचारिकता न बनें, बल्कि आमजन को मौके पर राहत देने का प्रभावी माध्यम साबित हों। निरीक्षण के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के गोद भराई कार्यक्रम में उन्होंने भाग लिया और एक नन्ही बच्ची को स्नेहपूर्वक दुलार कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की जानकारी ली, मौसमी बीमारियों की रोकथाम संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा लाभार्थियों को पोषण किट वितरित की। साथ ही दो पात्र लाभार्थियों को भूमि के पट्टे भी प्रदान किए। इसके बाद संभागीय आयुक्त ने चिड़ावा उपखंड कार्यालय का निरीक्षण किया। कार्यालय में महिला कर्मचारियों की उल्लेखनीय भागीदारी पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनकी कार्यशैली की सराहना की। इस दौरान उन्होंने परिवादियों से ज्ञापन प्राप्त किए और संबंधित अधिकारियों को सभी प्रकरणों का शीघ्र, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इसके पश्चात उन्होंने चिड़ावा नगर पालिका में आयोजित शहरी सेवा शिविर का निरीक्षण किया। विभिन्न विभागों के काउंटरों पर पहुंचकर योजनाओं की प्रगति का अवलोकन किया तथा लाभार्थियों को पट्टों का वितरण किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिविरों के माध्यम से लोगों की समस्याओं का अधिकतम समाधान मौके पर ही किया जाए ताकि आमजन को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें।दौरे के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर अजय कुमार आर्य, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुरूषोत्तम धानका, उपखंड अधिकारी किरण पाल, तहसीलदार रामनारायण दहिया, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन पूनिया, महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक बिजेंद्र राठौड़, जिला जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। दौरे के अंतिम चरण में संभागीय आयुक्त ने जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जिला कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग ने जिले में संचालित विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा राज्य बजट घोषणाओं की प्रगति का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। समीक्षा बैठक में संभागीय आयुक्त ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों से परिचय प्राप्त करने के बाद पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति, पीएम सूर्य घर योजना, वीजी-जी रामजी योजना, ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर, कुसुम योजना, खाद्य सुरक्षा योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति, उर्वरक एवं खाद की उपलब्धता, मंगल पशु बीमा योजना, ड्रोन दीदी, सोलर दीदी तथा राज्य बजट घोषणाओं की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, तय समय सीमा में लक्ष्यों की प्राप्ति और आमजन को अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुरूषोत्तम धानका, अतिरिक्त जिला कलेक्टर अजय कुमार आर्य सहित सभी जिला स्तरीय विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। संभागीय आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।