धर्म परिवर्तन की चर्चाओं के बीच रैगरान मोहल्ले में आयोजित हुआ धार्मिक कार्यक्रम, परिवारों ने लिया हिंदू रीति-रिवाजों के पालन का संकल्प
खिरोड़। झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
कस्बे में इन दिनों धर्म परिवर्तन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच शनिवार देर शाम मोहल्ला रैगरान में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। यहां कुछ परिवारों ने ईसाई धर्म का पालन छोड़कर पुनः हिंदू धर्म की परंपराओं को अपनाने की घोषणा की। कुएं वाले बालाजी मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और पुरूषों ने पूजा-अर्चना, आरती एवं प्रसाद वितरण कर अपने निर्णय को सार्वजनिक रूप से व्यक्त किया।जानकारी के अनुसार मोहल्ला रैगरान निवासी संतरा देवी, द्रोपती देवी सहित चार-पांच परिवारों के सदस्य बालाजी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर बालाजी महाराज के समक्ष हिंदू धर्म के रीति-रिवाजों का पालन करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर बालाजी महाराज की प्रतिमा के समक्ष प्रसाद अर्पित किया गया तथा उपस्थित लोगों में प्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान मौजूद परिवारों ने बताया कि पूर्व में वे कुछ परिस्थितियों और लोगों की सलाह के प्रभाव में ईसा मसीह को मानने लगे थे, लेकिन अब उन्होंने अपने मूल धर्म और परंपराओं में लौटने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि आगे वे हिंदू समाज के साथ रहकर अपने सभी धार्मिक और सामाजिक कार्य हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार ही करेंगे। इस अवसर पर पूरणमल कुलदीप, मोहनलाल कुलदीप, हंसराज, सोनू, राहुल कुलदीप, सरजीत, लालचंद, जगदीश प्रसाद, राकेश कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
“बच्चे की बीमारी के दौरान प्रभावित होकर अपनाया था दूसरा धर्म”
मोहल्ला रैगरान निवासी संतरा देवी ने बताया कि उनके बच्चे की बीमारी के दौरान किसी व्यक्ति ने उन्हें ईसा मसीह को मानने की सलाह दी थी। इसी कारण वे ईसाई धर्म का पालन करने लगी थीं। उन्होंने कहा कि अब बालाजी मंदिर में आकर उन्होंने पुनः हिंदू धर्म को अपनाने का संकल्प लिया है और भविष्य में सभी धार्मिक कार्य हिंदू परंपराओं के अनुसार ही करेंगी।
“समाज की समझाइश के बाद लिया वापसी का निर्णय”
वहीं द्रोपती देवी ने बताया कि परिवार में बीमारी के कारण वे दूसरों के कहने पर ईसा मसीह की पूजा करने लगी थीं। बाद में समाज के लोगों की समझाइश और आत्ममंथन के बाद उन्होंने पुनः हिंदू धर्म की परंपराओं को अपनाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि अब वे अपने समाज और परिवार के साथ हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करेंगी।
क्षेत्र में चर्चा का विषय बना घटनाक्रम
मोहल्ला रैगरान में आयोजित यह कार्यक्रम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने परिवारों के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ाव का प्रतीक बताया। धर्म परिवर्तन और उससे जुड़ी गतिविधियों को लेकर खिरोड़ कस्बे में चर्चाओं का दौर लगातार जारी है।










