सुसाइड से दो मिनट पहले व्हाट्सऐप स्टेटस पर डाला 3 पेज का नोट, लिखा— ठगी और सूदखोरों से परेशान होकर उठा रहा हूं कदम
झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
शहर के न्यू हाउसिंग बोर्ड के पास एक दर्दनाक घटना में एक व्यक्ति ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान वाहिदपुरा हाल रीको निवासी विमल उर्फ विमलेश शर्मा के रूप में हुई है। वह सीकर में नौकरी करता था और रोजाना ट्रेन से अपडाउन करता था। शनिवार को भी सीकर जाने वाली ट्रेन स्टेशन पर खड़ी थी। जिसमें बैठकर उसे काम पर जाना था। लेकिन वह उसमें नहीं बैठा और दूसरी ओर से आ रही सीकर-रेवाड़ी ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को मृतक के पास से तीन पेज का सुसाइड नोट मिला। बताया जा रहा है कि आत्महत्या से महज दो मिनट पहले उसने यही सुसाइड नोट अपने व्हाट्सऐप स्टेटस पर भी लगाया था। सुसाइड नोट में उसने कथित ठगी और सूदखोरी से परेशान होकर यह कदम उठाने की बात लिखी है। सुसाइड नोट में मृतक ने चूरू निवासी मुकेश चौहान, स्वाति चौहान, उज्जवल लोहिया और योगेश भाटी सहित अन्य लोगों पर उसके भाई से शेयर में निवेश के नाम पर करीब डेढ़ करोड़ रुपए हड़पने का आरोप लगाया है। उसने लिखा कि जब मुनाफा मांगा गया तो आरोपियों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। इसके बाद कर्ज चुकाने के लिए उसने अनिल सुंडा और विकास वर्मा से ब्याज पर रुपए लिए। लेकिन मूल रकम से ज्यादा ब्याज चुकाने के बावजूद कर्ज खत्म नहीं हुआ। उसने लिखा कि घर, जमीन और गहने तक बिक चुके हैं और वह पूरी तरह टूट चुका है। नोट में मृतक ने लिखा अगर पुलिस सही तरीके से जांच करती और मुझे न्याय मिलता, तो शायद मुझे यह कदम नहीं उठाना पड़ता। उसने यह भी लिखा कि वह अपने परिवार और बच्चों के लिए कुछ नहीं कर पाया। सुसाइड नोट में सुरेंद्र और उसके दोस्त विजेंद्र का भी जिक्र करते हुए लिखा कि किसी की गरीबी और मजबूरी का फायदा नहीं उठाना चाहिए। नोट के अंत में उसने “Love U Babu Aashu” लिखा। बताया जा रहा है कि आशु उसकी छोटी बेटी और बाबू उसका बड़ा बेटा है। घटना के बाद परिजनों ने पहले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक शव लेने से इनकार कर दिया। लेकिन बाद में समझाइश के बाद वे मान गए। मृतक के भाई बाबूलाल शर्मा ने बताया कि वर्ष 2024 में इस संबंध में मामला दर्ज करवाया गया था। लेकिन कोतवाली पुलिस ने एफआर लगा दी। बाद में फाइल दोबारा खुलवाकर जांच शुरू करवाई गई तो सदर पुलिस ने भी एफआर लगा दी। उन्होंने बताया कि करीब एक महीने पहले यह फाइल आईजी जयपुर रेंज ने अपने पास मंगवा ली थी।










