ढूकिया हॉस्पिटल में सफल सर्जरी बनी राहत की सांस
झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
जिले के नारी निवासी 25 वर्षीय युवक अनूप को अचानक गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या हाइड्रोकेफेलस होने पर परिजनों की सतर्कता और समय पर मिले इलाज ने उसकी जान बचा ली। तेज सिरदर्द, लगातार उल्टी और चलने में असंतुलन जैसी गंभीर शिकायतों के बाद परिजन उसे तुरंत झुंझुनूं के ढूकिया हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने तत्काल स्थिति की गंभीरता को पहचानते हुए उपचार शुरू किया। अस्पताल में न्यूरो सर्जन डॉ. जोगेंद्र सिंह झाझड़िया ने जांच के बाद मरीज को हाइड्रोकेफेलस से पीड़ित बताया और बिना देरी किए आवश्यक सर्जरी की प्रक्रिया अपनाई। समय पर उपचार मिलने के चलते मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और एक बड़ा खतरा टल गया। डॉक्टरों के अनुसार हाइड्रोकेफेलस एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें मस्तिष्क के भीतर सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड ( सीएसएफ ) का असामान्य रूप से जमाव हो जाता है, जिससे दिमाग पर दबाव बढ़ता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह स्थिति जानलेवा या स्थायी विकलांगता का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों ने बताया कि इस बीमारी की पहचान सीटी स्कैन, एमआरई तथा आवश्यक मामलों में अल्ट्रासाउंड के माध्यम से की जाती है। उपचार के रूप में शंट सर्जरी अथवा एंडोस्कोपिक थर्ड वेंट्रिकुलोस्टॉमी जैसी आधुनिक तकनीकें अपनाई जाती हैं। अस्पताल निदेशक डॉ. मोनिका ढूकिया ने बताया कि अस्पताल में न्यूरो सर्जरी सहित गैस्ट्रो, यूरोलॉजी, आर्थोपेडिक, लेप्रोस्कोपिक सर्जरी एवं अन्य विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हैं। साथ ही ईसीएचएस, ईएसआईसी, आरजीएचएस एवं मां योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा भी दी जा रही है, जिससे मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल में 32 स्लाइस सीटी स्कैन और एडवांस कलर डॉपलर सोनोग्राफी जैसी आधुनिक जांच सुविधाएं 24 घंटे उपलब्ध हैं, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित उपचार संभव हो पा रहा है।










