आर्थिक सशक्तीकरण के लिए डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता जरूरी : सिहाग

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चूरू जिले में नवाचार के तौर पर शुरू किए गए स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के कम्प्यूटर प्रशिक्षण का जिला कलक्टर सिद्धार्थ सिहाग ने किया अवलोकन, घांघू स्कूल में चल रही ट्रेनिंग में महिलाओं का उत्साह देखकर हुए अभिभूत, कहा- बेहतर आर्थिक गतिविधियों से जुड़ें स्वयं सहायता समूह

चूरू। जिला कलक्टर सिद्धार्थ सिहाग की पहल पर एक नवाचार के तौर पर जिले में राजीविका स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता के लिए विद्यालयों में चल रहे कम्प्यूटर लैब में बेसिक कम्प्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। प्रथम चरण में जिले के 41 विद्यालयों में करीब एक हजार एसएचजी सदस्य महिलाओं को यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद इच्छुक एवं पात्र महिलाओं को महिला अधिकारिता विभाग की ओर से निःशुल्क आरएस-सीआईटी कोर्स कराया जाएगा तथा चुनिंदा महिलाओं के लिए जून माह में वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षण होगा। रविवार को स्वयं जिला कलक्टर सिद्धार्थ सिहाग ने एसीईओ डॉ धीरज सिंह एवं सीडीईओ संतोष महर्षि के साथ घांघू के शहीद राजेश कुमार फगेड़िया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के कम्प्यूटर लैब में चल रहे प्रशिक्षण का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं से संवाद कर उनके अनुभव जाने और उनकी रूचि व उत्साह देखकर प्रसन्नता जाहिर की। इस दौरान उन्होंने महिलाओं से कहा कि वे आर्थिक सशक्तीकरण के लिए किसी उत्पादक गतिविधि से जुड़ें और इसमें जिला प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने महिलाओं से कहा कि आज के समय में डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता बेहद जरूरी है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि वे कम्प्यूटर सीखकर गूगल पे, भीम एप आदि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए वित्तीय लेनदेन करें। जिला कलक्टर ने महिलाओं से उनके समूह संचालन के बारे में विस्तार से चर्चा की और फीडबैक लिया। महिलाओं ने बताया कि वे उद्योग लगाकर आर्थिक गतिविधियों का संचालन करना चाहती हैं लेकिन उन्हें शुरुआत के लिए आर्थिक मदद और बाद में मार्केटिंग सहयोग की जरूरत है। इस पर जिला कलक्टर ने सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि इस दिशा में स्वयं सहायता समूहों का सहयोग किया जाएगा। उन्होंने राजीविका के वीपी सिंह और रूचिका से कहा कि वे स्थानीय संभावनाओं और स्वयं सहायता समूहों की रूचि व क्षमता के हिसाब से प्रोजेक्ट तैयार करवाएं ताकि एसएचजी की महिलाएं बेहतर आर्थिक गतिविधियां कर सकें। इस दौरान सहायक निदेशक (जनसंपर्क) कुमार अजय, प्रधानाचार्य प्रताप सिंह कुमावत, संजय दर्जी, सज्जाद खान, मुकेश दीक्षित, शीशराम, रेखा मीणा सहित विद्यालय स्टाफ के लोग मौजूद रहे।

माइंड स्पार्क लैब में बच्चों से किया संवाद

जिला कलक्टर सिद्धार्थ सिहाग ने रविवार को घांघू के शहीद राजेश कुमार फगेड़िया राउमावि में चल रहे माइंड स्पार्क लैब में पढ़ रहे बच्चों से संवाद किया और लैब के बारे में फीडबैक लिया। जिला कलक्टर ने विद्यालय एवं लैब की व्यवस्थाओं एवं शिक्षण की सराहना की और कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में बच्चों के लिए कम्प्यूटर शिक्षा बेहद जरूरी है। प्रधानाचार्य प्रताप सिंह कुमावत ने माइंड स्पार्क लैब की अब तक की गतिविधियों एवं बच्चों की प्रोग्रेस के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।।

आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र को देखकर अभिभूत हुए कलक्टर

जिला कलक्टर ने रविवार को बास जैसे का में आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया और केंद्र की वॉल पेंटिंग देखकर अभिभूत नजर आए। उन्होंने इस दौरान मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाने के लिए एसीईओ डॉ धीरज सिंह की पहल तथा सीडीपीओ सीमा सोनगरा व पेंटर योगेश सोनी के गुणवत्तायुक्त कार्य की मुक्तकंठ से सराहना की। आंगनबाड़ी केंद्र के कक्ष के भीतर और बाहर की दीवारों पर बालकों के लिए रूचिकर और आकर्षक ढंग से उकेरे गए चित्र और पाठ्य सामग्री को देखकर उन्होंने कहा कि यह बहुत ही कम खर्च में उपयोगी, बाल सुलभ, आकर्षक ढंग से तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि जिले के सभी सरपंचों को इस आंगनबाड़ी केंद्र को देखकर अपने-अपने आंगनबाड़ी केंद्र भी इस तर्ज पर विकसित करने चाहिए। उन्होंने बताया कि फिलहाल इस तरह के आठ मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जा रहे हैं। इस दौरान सहायक एसीईओ डॉ धीरज सिंह, विकास अधिकारी सोहन लाल धायल, लिपिक सत्यप्रकाश, रामकरण फगेड़िया, हरदयाल सिंह राठौड़ आदि मौजूद रहे।

 

 

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