मार्च अंत तक राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर कोई भी मामले 6 माह से अधिक लंबित ना हों – मुख्य सचिव

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जयपुर। मुख्य सचिव उषा शर्मा ने सभी सम्भागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को निर्देश दिये कि आमजन की समस्याओं को ध्यान से सुनकर-समझकर उनका तुरंत निस्तारण करें। उन्होंने कहा कि मार्च के अंत तक राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर कोई भी मामले 6 माह से अधिक लंबित ना रहें। श्रीमती शर्मा शुक्रवार को सभी सम्भागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों साथ वीडियो – कान्फ्रेंस के माध्यम से बैठक कर रही थीं।मुख्य सचिव ने राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर लम्बित प्रकरणों और मुख्यमंत्री जनसुनवाई में प्राप्त परिवादों को गम्भीरता से लेते हुए सभी विभागों के अधिकारियों और जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिये कि प्रतिदिन जितने प्रकरण दर्ज हों उससे ज्यादा प्रकरणों का निस्तारण करना सुनिश्चित किया जाए, तभी लम्बित मामलों में कमी आएगी और लम्बित मामलें भी समाप्त हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि जनता की संतुष्टि का स्तर बढ़ाना ही हमारा मुख्य उद्देश्य होना चाहिए। मुख्य सचिव ने कहा कि जिला कलेक्टरों को पूर्व की भांति जनसुनवाई भी पुनः आरम्भ करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाग के सचिव जिला कलेक्टर्स के साथ नियमित बैठक कर जनकल्याणकारी योजनाओं की सतत् मॉनिटरिंग करते रहें कि जनकल्याणकारी कार्य नियमित और सही समय पर पूरे हो रहे हैं या नहीं।मुख्य सचिव श्रीमती शर्मा ने एनएफएसए कार्ड धारी सदस्यों की जन आधार से 100 प्रतिशत मैपिंग के लिए प्राथमिकता के साथ जन आधार नामाकंन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला कलेक्टर्स के साथ राज्य में चल रहे बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम वर्ष 2021-22 की प्रगति की समीक्षा भी की। वीडियो कान्फ्रेंस में डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि राज्य के 20 जिलों के रिकार्ड ऑनलाइन हो गए हैं, मार्च अंत तक सभी तहसीलों के ऑनलाइन होने की संभावना है। मुख्य सचिव ने तहसीलों में बन रहे मॉर्डन रिकार्ड रूम की प्रगति की भी समीक्षा की।वन एवं पर्यावरण विभाग से संबंधित योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ जिलों में एक स्वस्थ माहौल बनाना होगा, तभी हम सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर नियंत्रण कर पाएंगे। इस संबंध में स्पेशल टास्क फोर्स बनी हुई है। मुख्य सचिव ने कहा कि इसके लिए उद्योग विभाग के साथ अलग से बैठक कर प्रभावी एक्शन प्लान तैयार किया जाए। प्लास्टिक के उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता पंचायत स्तरों तक पैदा करनी होगी। मुख्य सचिव ने राज्य में समय-समय पर आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोकअदालतों पर चर्चा करते हुए कहा कि जिला कलेक्टर इनका अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करवाएं क्योंकि इनमें आमजन को बहुत राहत मिल सकती है। परिवादियों को कोर्ट के चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं। वीडियो कान्फ्रेंस में प्रमुख सचिवों, सचिवों, संभागीय आयुक्तों सहित सभी जिलों के जिला कलेक्टर्स ने भाग लिया।

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