बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए समन्वित प्रयास किये जायेंगे – अर्जुन बागड़ी

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चूरू। राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य अर्जुन बागड़ी ने कहा है कि जिले में बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए श्रम, शिक्षा व पुलिस प्रशासन के समन्वित प्रयासों से बच्चों एवं अभिभावकों में जागरुकता पैदा की जायेगी। अर्जुन बागड़ी मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बाल अधिकार संरक्षण संबंधी बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने बाल अधिकार संरक्षण के संबंध में लागू कानूनों की जानकारी देते हुए कहा कि श्रम, शिक्षा एवं पुलिस प्रशासन के समन्वित प्रयासों से बाल श्रम को रोका जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे जिले में बाल श्रमिकों के हितों के लिए सामूहिक अभियान चलाकर बाल श्रमिकों के अभिभावकों को समझाईश देकर बच्चों को स्कूलों से जोड़ने के सार्थक प्रयास करें। सदस्य बागड़ी ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे बाल अधिकार संरक्षण के लिए पुलिस थानों में बाल डेस्क, बाल कल्याण अधिकारी, बाल थाना, बाल रजिस्टर की माकूल व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा.) से जिले में चालू शिक्षा सत्रा में नामांकन प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने महिला एवं बाल विकास अधिकारियों से जिले में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों की व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिये कि जिले में संचालित प्ले स्कूल के डाटा संकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने बाल हैल्प लाईन-1098 के तहत प्रावधानों की जानकारी देते हुए शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे प्रत्येक प्राइवेट स्कूल के स्टाफकर्मियों का पुलिस वेरिफिकेशन रिकाॅर्ड संधारित करें। उन्होंने कहा कि स्कूलों द्वारा संचालित बाल वाहिनियों को कड़ाई से ट्रेफिक नियमों की पालना कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिले में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए संचालित होम व छात्रावासों का रजिस्ट्रेशन करें।
सदस्य बागड़ी ने पालनहार योजना एवं बेटी बचाओ-बेटी पढाओ योजना की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार बाल अधिकार संरक्षण के लिए दृढ़ संकल्पित है। जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य मनीष शर्मा ने बाल श्रम पर प्रभावी नियंत्राण के लिए पुलिस प्रशासन के सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि जिले में बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए समिति द्वारा प्रभावी प्रयास किये जा रहे है। बैठक में समिति के सदस्य गिरधारीलाल सिहाग, हेमसिंह शेखावत, संतोष परिहार ने बाल संरक्षण संबंधी महत्ती सुझाव दिये। उप पुलिस अधीक्षक हुकुमसिंह ने बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए पुलिस थानों में अलग से बाल डेस्क का संचालन करने का सुझाव दिया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजपाल सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक केसर सिंह शेखावत, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक नरेश बारोठिया, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, श्रम, परिवहन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित थे। इससे पूर्व राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य अर्जुन बागड़ी ने जिला मुख्यालय पर संचालित ‘‘आपणी पाठशाला’’ एवं जिला सम्प्रेषण व किशोर गृह का निरीक्षण किया। उन्होंने आपणी पाठशाला के प्रभावी संचालन के लिए पुलिस विभाग की सराहना करते हुए कहा कि कच्ची बस्तियों के बच्चों को शिक्षा से जोड़कर पुनित कार्य किया जा रहा है।

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