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Home राजस्थान चूरू रंगों से बच्चों ने दिया शांति, सद्भाव और भाईचारे का संदेश

रंगों से बच्चों ने दिया शांति, सद्भाव और भाईचारे का संदेश

चूरू के गीतांजलि पब्लिक स्कूल में पोस्टर फॉर पीस प्रतियोगिता में भाग लेते विद्यार्थी

लायंस क्लब समर्पण की ‘पोस्टर फॉर पीस’ प्रतियोगिता में 20 विद्यार्थियों ने लिया भाग, मायरा जांगिड़ प्रथम

चूरू। सेवा सप्ताह के अंतर्गत लायंस क्लब समर्पण, चूरू की ओर से बुधवार को स्थानीय गीतांजलि पब्लिक स्कूल में ‘पोस्टर फॉर पीस’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विश्व शांति, साम्प्रदायिक सौहार्द एवं वैश्विक एकता की थीम पर आयोजित प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 8 तक के 20 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और रंगों के माध्यम से शांति, प्रेम, भाईचारे एवं मानवता का संदेश पोस्टरों पर उकेरा। प्रतियोगिता में कक्षा 7 की छात्रा मायरा जांगिड़ ने प्रथम, कक्षा 8 की अंजली ने द्वितीय तथा कक्षा 7 की वंशिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता विद्यार्थियों को क्लब एवं विद्यालय परिवार की ओर से प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

बच्चों में शांति और सद्भाव के संस्कार जरूरी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्लब अध्यक्ष सीमा वशिष्ठ ने कहा कि बच्चे देश और समाज के भविष्य के कर्णधार हैं। उनके मन में बचपन से ही प्रेम, करुणा, भाईचारे और सद्भाव के संस्कार विकसित किए जाएं तो शांतिपूर्ण एवं मानवीय समाज का निर्माण संभव है।

क्लब सचिव देवकी शर्मा ने कहा कि कला केवल भावनाओं की अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि सीमाओं और मतभेदों को मिटाने वाली सशक्त भाषा भी है। बच्चों द्वारा बनाए गए पोस्टर विविधता में एकता और मानवता की शक्ति का संदेश दे रहे हैं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं विद्यालय के चेयरमैन दामोदर गौत्तम ने लायंस क्लब समर्पण की पहल की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ नैतिक मूल्यों और वैश्विक चेतना से जोड़ना भी आवश्यक है। इस प्रकार के रचनात्मक आयोजन बच्चों में सकारात्मक सोच, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं।

प्रतियोगिता संयोजक डॉ. अक्षय शर्मा ने कहा कि शांति केवल युद्ध का अभाव नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, सम्मान और सौहार्द स्थापित करने का निरंतर प्रयास है। बच्चों ने अपने पोस्टरों के माध्यम से शांति और सद्भाव को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया है।

‘कूची’ के माध्यम से शांति का संदेश

कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. कमल वशिष्ठ ने कहा कि जब कलम और कूची शांति के समर्थन में उठती हैं तो नफरत और वैमनस्य के विचार कमजोर पड़ते हैं। बच्चों की रचनात्मक अभिव्यक्ति समाज को शांति और भाईचारे की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में लायन राजेन्द्र मुसाफ़िर, राजकुमार शर्मा, पुनीत क्याल, चंद्रप्रकाश, गोपाल बजाज एवं लायन रेखा बजाज ने सक्रिय सहयोग दिया। अंत में अतिथियों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, प्रतिभागी विद्यार्थियों एवं सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।

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