रतनगढ़ और तारानगर में विशेष निरीक्षण अभियान, 20 पैकेट मसाला, 2 किलो दही और 5.5 लीटर दूध मौके पर नष्ट करवाया
चूरू। अस्पतालों के आसपास खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले में विशेष निरीक्षण एवं नमूनीकरण अभियान चलाया। 24 से 30 सितंबर तक संचालित इस अभियान के तहत रतनगढ़ और तारानगर में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इस दौरान कुल 14 निरीक्षण किए गए और 13 सर्विलांस नमूने लिए गए। कार्रवाई के दौरान जनस्वास्थ्य के हित में मसाला, दही और दूध भी नष्ट करवाया गया।आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण अविचल चतुर्वेदी के आदेश तथा अभिहित अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा के निर्देशानुसार यह अभियान संचालित किया जा रहा है।
रतनगढ़ में 9 निरीक्षण, 2 नमूने लिए
रतनगढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करते हुए 9 निरीक्षण किए और 2 सर्विलांस नमूने लिए। इस दौरान जय कृष्णा किराना जनरल स्टोर, मैसर्स सोहन रामनिरंजन, मैसर्स रामधन दास हीरालाल, मैसर्स श्री बालाजी ब्रदर्स, मैसर्स श्याम सुंदर सराफ, मैसर्स गोविंद प्रसाद राधेश्याम, मैसर्स जनाब जगदीश प्रसाद, मैसर्स जामंदास जगदीश प्रसाद तथा द होमटाउन कैफे सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच की गई।कार्रवाई के दौरान 20 पैकेट मसाला जनस्वास्थ्य के हित में मौके पर नष्ट करवाए गए।
तारानगर में 5 निरीक्षण, 11 नमूने लिए
तारानगर में अभियान के तहत खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच की गई। टीम ने 5 निरीक्षण करते हुए 11 सर्विलांस नमूने लिए। इस दौरान श्री श्याम कैंटीन, संजीवनी हॉस्पिटल, फौजी होटल, राजकीय अस्पताल कैंटीन, न्यू बालाजी मिर्च भंडार और मुंबई फूड स्टेशन सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।कार्रवाई के दौरान 2 किलोग्राम वीटा दही और 5.5 लीटर स्मार्ट डबल टोन्ड दूध नष्ट करवाया गया।
खाद्य सुरक्षा मानकों की पालना के निर्देश
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने खाद्य कारोबारियों को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के निर्धारित खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों की सख्ती से पालना करने के निर्देश दिए। साथ ही उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने तथा खाद्य पदार्थों के रखरखाव एवं स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया।
अभियान में ये रहे शामिल
कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी रतन सिंह गोदारा, डॉ. कुलदीप खटोड, अशोक घोटिया, सुरेंद्र डूडी, मूलचंद मीणा, डॉ. अनिल, डॉ. प्रकाश नागोरा, आशा गुर्जर, राम अवतार शर्मा, हरीराम एवं पूजा सैनी शामिल रहे।













