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Home राजस्थान झुंझुनूं साइबर ठगों से बचने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार

साइबर ठगों से बचने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार

राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज आबूसर में विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचाव की जानकारी देते साइबर पुलिस अधिकारी

पॉलिटेक्निक कॉलेज आबूसर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम, विद्यार्थियों को ऑनलाइन फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और सोशल मीडिया हैकिंग से बचाव के बताए तरीके

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, आबूसर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। साइबर सुरक्षित राजस्थान माह सितम्बर 2026 अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों एवं साइबर विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों और कॉलेज स्टाफ को ऑनलाइन ठगी के नए तौर-तरीकों से सावधान रहने तथा साइबर अपराध होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी।

कार्यक्रम महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम एवं तकनीकी सेवाएं, राजस्थान जयपुर के निर्देशानुसार तथा जिला पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर के निर्देशन में आयोजित किया गया। इसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय देवेन्द्र सिंह राजावत , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक त्वरित अनुसंधान निस्तारण दल फूलचन्द मीणा तथा साइबर थाना झुंझुनूं थानाधिकारी रामखिलाड़ी मीणा के मार्गदर्शन में साइबर थाना टीम ने विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अशोक कुमार प्रोग्रामर तथा ताराचंद मीणा सहायक उपनिरीक्षक ने ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड, फिशिंग लिंक, सोशल मीडिया हैकिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर ठगी के तरीकों को समझाया। उन्होंने बताया कि साइबर ठग लोगों को अलग-अलग तरीकों से झांसे में लेकर उनकी बैंकिंग एवं व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक संबंधी विवरण, पासवर्ड अथवा व्यक्तिगत दस्तावेज साझा नहीं करने की सलाह दी गई।

वक्ताओं ने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया पर भी सतर्कता बरतने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अनजान लोगों के साथ फोटो, आईडी, घर का पता, बच्चों के स्कूल का नाम सहित व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें। मोबाइल में टू-स्टेप वेरिफिकेशन सक्रिय रखें तथा अनजान कॉल, मैसेज या किसी भी प्रकार के प्रलोभन में नहीं आएं। साइबर पुलिस टीम ने निवेश फ्रॉड को लेकर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि जल्द कमाई और दिखावे के लालच में आकर किसी अनजान व्यक्ति या प्लेटफॉर्म पर पैसा निवेश नहीं करें।

ऑनलाइन लेनदेन के दौरान केवल भरोसेमंद एवं सुरक्षित प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें और डिजिटल लेनदेन से जुड़े सुरक्षा नियमों का पालन करें। कार्यक्रम में साइबर अपराध से बचाव के सरल उपाय बताने के साथ-साथ साइबर ठगी का शिकार होने की स्थिति में बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने की जानकारी दी गई। साथ ही साइबरक्राइम डॉट जीओवी डॉट इन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने अथवा नजदीकी पुलिस थाने में सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया।

पुलिस टीम ने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार में बच्चों, बुजुर्गों तथा अन्य लोगों को भी साइबर ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दें। कार्यक्रम में राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज आबूसर के प्राचार्य अनिल कुमार जांगिड़, कॉलेज स्टाफ, साइबर थाना टीम एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

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