राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे 40/75 मीटर कंट्रोल लाइन को लेकर सांसद राहुल कस्वां ने CM से मांगा स्पष्टीकरण

हजारों मकान मालिकों, व्यापारियों और किसानों की चिंता का हवाला; राज्य सरकार से नीति और क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट करने की मांग

नई दिल्ली। राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे प्रस्तावित 40/75 मीटर कंट्रोल लाइन को लेकर उठ रही आशंकाओं के बीच चूरू सांसद राहुल कस्वां ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। सांसद ने कहा कि कंट्रोल लाइन को लेकर प्रदेश के हजारों निवासी, व्यापारी, किसान और संपत्ति मालिक अपने मकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और आजीविका के भविष्य को लेकर असमंजस में हैं।सांसद ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में लोकसभा में उनके द्वारा पूछे गए अतारांकित प्रश्न के जवाब का भी उल्लेख किया। कस्वां के अनुसार, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 40/75 मीटर कंट्रोल लाइन के संबंध में मंत्रालय की ओर से कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है।उन्होंने बताया कि मंत्रालय के जवाब के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा फोरलेन दुर्घटना प्रकरण में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में बिल्डिंग लाइन और कंट्रोल लाइन का नियमन, अधिसूचना जारी करना तथा उसका क्रियान्वयन संबंधित राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आता है।

राजस्थान सरकार की नीति स्पष्ट करने की मांग

सांसद कस्वां ने कहा कि बिल्डिंग लाइन और कंट्रोल लाइन निर्धारित करना राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय है। अलग-अलग राज्यों में इस संबंध में अलग नियम और प्रावधान लागू हैं। ऐसे में राजस्थान में लागू होने वाले नियमों और उनकी प्रक्रिया को लेकर आमजन के बीच स्पष्टता होना जरूरी है।उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि राज्य सरकार की इस विषय पर नीति, प्रस्तावित कार्यप्रणाली और लागू किए जाने वाले दिशा-निर्देशों के संबंध में आधिकारिक एवं सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी किया जाए।-

भ्रम और आशंकाएं दूर होने की उम्मीद

सांसद ने कहा कि स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक होने से राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास रहने वाले लोगों के बीच बनी असमंजस की स्थिति समाप्त होगी। साथ ही भ्रामक सूचनाओं पर भी रोक लगेगी और प्रदेशभर में नियमों के क्रियान्वयन को लेकर एकरूपता तथा पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी।राहुल कस्वां ने मुख्यमंत्री से इस विषय को जनहित से जुड़ा महत्वपूर्ण मामला मानते हुए संवेदनशीलता के साथ विचार करने और आवश्यक कार्रवाई करने की उम्मीद जताई।