झुंझुनूं का लाल अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर करेगा कमाल

जूनियर एशियन वॉलीबॉल चैंपियनशिप के लिए टीम इंडिया में सौरभ कस्वां का चयन, राजस्थान से इकलौते खिलाड़ी

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
झुंझुनूं जिले के लिए गर्व और गौरव का क्षण है। पिलानी निवासी होनहार खिलाड़ी सौरभ कस्वां का चयन भारतीय अंडर-18 वॉलीबॉल टीम में हुआ है। अब सौरभ जूनियर एशियन वॉलीबॉल चैंपियनशिप में टीम इंडिया की जर्सी पहनकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। शुक्रवार को वह भारतीय दल के साथ चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए चीन रवाना हो गए। सौरभ के टीम इंडिया में चयन की खबर मिलते ही पूरे झुंझुनूं जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और शुभचिंतकों ने इसे जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए सौरभ को शुभकामनाएं दीं। खास बात यह है कि राजस्थान से भारतीय टीम में चयनित होने वाले सौरभ कस्वां एकमात्र खिलाड़ी हैं, जिससे उनकी उपलब्धि और भी गौरवपूर्ण बन गई है। सौरभ के मामा डॉ. विजेंद्र श्योराण ने बताया कि सौरभ ने वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और शानदार प्रदर्शन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। वह राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबॉल प्रतियोगिताओं में दो बार पदक जीत चुके हैं तथा दो बार भारतीय प्रशिक्षण शिविर (इंडिया कैंप) में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। वॉलीबॉल के साथ-साथ सौरभ एक उत्कृष्ट एथलीट भी हैं। उन्होंने ओपन नेशनल अंडर-14 एथलेटिक्स प्रतियोगिता की लॉन्ग जंप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया था।खेल प्रतिभा सौरभ के परिवार की पहचान भी रही है। उनके बड़े भाई सचिन कस्वां राष्ट्रीय स्तर की लॉन्ग जंप प्रतियोगिताओं में दो बार स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। परिवार का खेलों के प्रति समर्पण और प्रेरणा सौरभ की सफलता की मजबूत नींव बनी। अपनी इस उपलब्धि पर सौरभ कस्वां ने इसका श्रेय अपने पिता जितेंद्र कस्वां, माता राजबाला, सभी प्रशिक्षकों, शिक्षकों और परिवारजनों को देते हुए कहा कि उनके विश्वास, मार्गदर्शन और निरंतर प्रोत्साहन ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। सौरभ के चयन पर जिले के खेल जगत में उत्साह का माहौल है। कोच, शिक्षक, खिलाड़ी और खेल प्रेमियों ने विश्वास जताया है कि झुंझुनूं का यह प्रतिभाशाली खिलाड़ी जूनियर एशियन वॉलीबॉल चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर भारत और राजस्थान का नाम रोशन करेगा। अब पूरे जिले की निगाहें सौरभ के प्रदर्शन पर टिकी हैं और हर कोई यही कामना कर रहा है कि झुंझुनूं का यह लाल अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगे की शान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाए।