यमुना जल समझौता केवल एमओए नहीं, शेखावाटी के भविष्य की नई इबारत; हर हाल में पहुंचेगा पानी — डॉ. सतीश पूनियां

जी राजस्थान के ‘एक कदम विकास की ओर’ कार्यक्रम में विकास, जल संकट, शिक्षा, रोजगार और जनसेवा पर मंथन; सत्ता-विपक्ष ने एक मंच से शेखावाटी के लिए पानी को बताया सबसे बड़ा मुद्दा

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़

शेखावाटी की सबसे बड़ी समस्या यदि किसी एक विषय को माना जाता है तो वह है—पानी। वर्षों से पेयजल संकट झेल रहे झुंझुनूं, सीकर और चूरू जिले के लाखों लोगों के लिए हाल ही में हुआ यमुना जल समझौता उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है। इसी मुद्दे ने जिले के चिड़ावा में आयोजित जी राजस्थान न्यूज के विशेष जनसंवाद कार्यक्रम ‘एक कदम विकास की ओर’ में भी सबसे अधिक स्थान पाया। कार्यक्रम में सत्ता और विपक्ष के नेताओं ने अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं के बावजूद एक स्वर में माना कि शेखावाटी के विकास की सबसे बड़ी कुंजी पानी है और यमुना जल परियोजना इस दिशा में ऐतिहासिक साबित हो सकती है। कार्यक्रम में राज्य सभा सांसद डॉ. सतीश पूनियां, राजस्थान सरकार के मंत्री जोराराम कुमावत, राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी, कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट एमडी चोपदार, जी राजस्थान न्यूज के चैनल हेड डॉ. मनीष शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, उद्योगपति, चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए जी राजस्थान के चैनल हेड डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि मीडिया का दायित्व केवल खबरें दिखाना नहीं, बल्कि समाज और सरकार के बीच संवाद का ऐसा सेतु बनना भी है। जो समस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि ‘एक कदम विकास की ओर’ अभियान का उद्देश्य समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित करने के साथ-साथ विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक संवाद स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि झुंझुनूं की वीर भूमि केवल शौर्य और बलिदान के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षा, उद्योग, समाजसेवा और राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए भी पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखती है। कार्यक्रम के दौरान बिरला एजुकेशन ट्रस्ट के उप निदेशक अजय कुमार अग्रवाल ने भी झुंझुनूं में शिक्षा की संभावनाओं पर विचार रखे और केंद्र—राज्य सरकार के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। संचालन एंकर चंद्रर्षि राजपूत ने किया। आभार जिला प्रभारी संदीप केडिया ने जताया। इस मौके पर जी न्यूज के सीनियर रिपोर्टर बाबूलाल धायल, पूर्व सांसद संतोष अहलावत, पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी, पूर्व विधायक सुभाष पूनियां, पूर्व विधायक जेपी चंदेलिया, भाजपा नेता राजेश दहिया, ओबीसी आयोग सदस्य पवन मावंडिया, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य विश्वंभर पूनियां, भाजपा नेता दिनेश धाबाई, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बनवारीलाल सैनी, सुभाष शर्मा, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री डॉ. अरूणा सिहाग, भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष इंजीनियर प्यारेलाल ढूकिया, भाजपा झुंझुनूं शहर मंडल अध्यक्ष कमलकांत शर्मा, सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर, भाजपा चिड़ावा शहर मंडल अध्यक्ष नरेंद्र गिरधर, पूर्व मंडल अध्यक्ष बाबूलाल वर्मा, पूर्व पार्षद राजेंद्र कोच, भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री अमरसिंह तंवर, एडवोकेट सरजीत चौधरी, डॉ. डीएन तुलस्यान, भाजपा जिला मंत्री विनोद कुमावत, पवन—बंटी केडिया, विकास शर्मा लोटिया, अमित सुशील गोयल, बाल कल्याण समिति की पूर्व सदस्य मनीषा केडिया, चिड़ावा डीएसपी विकास धींधवाल, सूरजगढ़ सीआई रणजीत सेवदा, महेश आजाद, रामानंद शर्मा शिमला, रिटायर्ड एसआई बाबूलाल सैनी, टीएम खान आदि गणमान्यजन मौजूद थे।

‘यह केवल पानी का समझौता नहीं, देश के लिए मिसाल’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनियां ने अपने संबोधन का केंद्र बिंदु यमुना जल समझौते को बनाया। उन्होंने कहा कि लगभग तीन दशक से लंबित इस विषय को सुलझाना आसान नहीं था। यह केवल दो राज्यों के बीच पानी का बंटवारा नहीं, बल्कि विश्वास, सहमति और राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिणाम है। उन्होंने कहा कि हरियाणा और राजस्थान के बीच लंबे समय से चली आ रही बातचीत को केंद्र सरकार की पहल से नया रास्ता मिला। गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की मध्यस्थता में दोनों राज्यों ने जिस प्रकार सहमति बनाई। वह पूरे देश के लिए उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि अन्य राज्यों के बीच जल विवाद होंगे तो यमुना जल समझौता एक मॉडल के रूप में देखा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शेखावाटी की जनता की सबसे बड़ी चिंता यह नहीं है कि समझौता कब हुआ। बल्कि यह है कि पानी कब पहुंचेगा। सरकार इस चिंता को समझती है। उन्होंने बताया कि तीन सौ किलोमीटर से अधिक लंबी पाइपलाइन, भूमि अधिग्रहण, तकनीकी स्वीकृतियां और निर्माण जैसे कार्यों में समय अवश्य लगेगा, लेकिन परियोजना पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ेगी। अपने भाषण में उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि “मोदी है तो मुमकिन है। शेखावाटी तक यमुना का पानी हर हाल में पहुंचेगा और झुंझुनूं, सीकर तथा चूरू की वर्षों पुरानी प्यास जरूर बुझेगी।”

जल समझौता दशकों की प्रतीक्षा का परिणाम— डॉ. अरुण चतुर्वेदी

राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि शेखावाटी का इतिहास संघर्ष का रहा है। यहां के लोगों ने सीमित संसाधनों में भी शिक्षा, उद्योग और सेना में देशभर में पहचान बनाई, लेकिन पानी की कमी हमेशा इस क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौती रही। उन्होंने कहा कि वर्ष 1994 में पहली बार यमुना जल समझौते की दिशा में प्रयास हुए थे, लेकिन वह धरातल पर नहीं उतर सके। इसके बाद कई वर्षों तक यह विषय राजनीतिक चर्चाओं तक सीमित रहा। अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, हरियाणा सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से समझौते को नया जीवन मिला है। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत पाइपलाइन के माध्यम से पानी सबसे पहले राजगढ़-सादुलपुर क्षेत्र तक पहुंचेगा और वहां से झुंझुनूं, सीकर एवं चूरू जिले में वितरण किया जाएगा। उन्होंने इसे केवल पेयजल परियोजना नहीं, बल्कि आने वाले दशकों में शेखावाटी के आर्थिक और सामाजिक विकास का आधार बताया। डॉ. चतुर्वेदी ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बिजली, सौर ऊर्जा, रोजगार, शिक्षा और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं मजबूत होने से उद्योगों का विस्तार होगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

डबल इंजन सरकार ने विकास को दी नई गति, पानी का सपना होगा साकार — जोराराम कुमावत

राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रतिबद्धता के कारण राजस्थान विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि योजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारना है। उन्होंने कहा कि बिजली, पेयजल, सड़क, कृषि, पशुपालन और ग्रामीण विकास जैसे प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं, जिनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि शेखावाटी क्षेत्र के लिए यमुना जल समझौता ऐतिहासिक उपलब्धि है। वर्षों से जिस पानी का इंतजार किया जा रहा था, उसे साकार करने की दिशा में अब ठोस कदम उठ चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सतत प्रयासों से हरियाणा के साथ हुआ यह समझौता क्षेत्र की तस्वीर बदलने वाला साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि परियोजना पूरी होने के बाद झुंझुनूं, सीकर और चूरू सहित पूरे शेखावाटी क्षेत्र को स्थायी पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे आमजन के जीवन के साथ कृषि और उद्योग को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

चोपदार ने भी कहा—अब घोषणाएं नहीं, धरातल पर दिखे पानी

कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट एमडी चोपदार ने अपने संबोधन में कहा कि शेखावाटी की जनता वर्षों से पानी का इंतजार कर रही है। उन्होंने यमुना जल समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि यह परियोजना तेजी से आगे बढ़े और लोगों को इसका लाभ मिले। उन्होंने कहा कि यदि पानी नहर के माध्यम से आता तो भूजल स्तर को भी लाभ मिलता, लेकिन अब पाइपलाइन के माध्यम से ही सही, जनता तक पानी पहुंचना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनियां से आग्रह किया कि हरियाणा और केंद्र सरकार में उनकी भूमिका को देखते हुए वे इस परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग करें, ताकि चुनावी घोषणा बनकर न रह जाए बल्कि जल्द से जल्द धरातल पर दिखाई दे। चोपदार ने झुंझुनूं जिले में बड़े उद्योग लगाने की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि पानी आने के साथ यदि औद्योगिक निवेश भी बढ़ेगा तो युवाओं का पलायन रुकेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होंगे।

मीडिया को समाधान की दिशा में काम करना चाहिए

कार्यक्रम के दौरान डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि समाज में मीडिया की भूमिका लगातार बदल रही है। उन्होंने कहा कि केवल नकारात्मक खबरें दिखाना पत्रकारिता का उद्देश्य नहीं हो सकता। मीडिया को उन लोगों और संस्थाओं को भी सामने लाना चाहिए जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि जी राजस्थान का प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में ऐसे संवाद आयोजित किए जाएं, जहां सरकार, समाज और विशेषज्ञ एक मंच पर बैठकर विकास के मुद्दों पर खुलकर चर्चा करें।

शिक्षा, चिकित्सा और समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान

समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सेवाएं देने वाले 15 व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। जन कल्याण युवा संस्था शाखा पिलानी के अध्यक्ष डॉ. मनोज जांगिड़ को 21 वर्षों में 13 हजार 500 से अधिक यूनिट रक्तदान करवाने, 19 जनों को नेत्रदान करवाने तथा 100 से अधिक लोगों का देहदान पंजीकरण करवाने के लिए सम्मानित किया गया। जिला गौ सेवा समिति के जिला कोषाध्यक्ष पवन गाडिया को गौवंश संरक्षण, गौशालाओं के संचालन एवं गौसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। लोक सेवा ज्ञान मंदिर ट्रस्ट के जिला प्रभारी राधेश्याम सुखाड़िया को दिव्यांगजनों की सहायता एवं जनकल्याण कार्यों में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। सुनिल पाटोदिया फाउंडेशन के ट्रस्टी प्रदीप पाटोदिया को शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण एवं समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। स्त्री शक्ति समूह की प्रतिनिधि ललित राठौड़, रविता झाझड़िया, सुमन मील को महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा एवं सामाजिक जागरूकता के लिए किए जा रहे कार्यों पर सम्मानित किया गया। श्री हरि कीर्तन प्रभात फेरी चिड़ावा के सुरेश मालानी, रामचंद्र शर्मा और रामनिवास वर्मा को भारतीय संस्कृति, आध्यात्म एवं सामाजिक मूल्यों के संरक्षण में उल्लेखनीय भूमिका के लिए सम्मानित किया गया। उप जिला अस्पताल चिड़ावा के पीएमओ डॉ. नितेश जांगिड़ को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार एवं मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सम्मानित किया गया। महावीर इंटरनेशनल से जुड़े श्यामसुंदर जालान नूआंवाला को चिकित्सा, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण एवं समाजसेवा के क्षेत्र में दीर्घकालीन योगदान के लिए सम्मानित किया गया। अजमेर डिस्कॉम के सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता महेश टीबड़ा को जिले की विद्युत व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। राजकीय जमनादास अडूकिया विद्यालय चिड़ावा के प्रधानाचार्य प्रदीप मोदी को शिक्षा में नवाचार, विद्यालय विकास एवं विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए सम्मानित किया गया। युवा निशानेबाज राहुल रणवां को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए इंडिया टीम ट्रायल्स के लिए क्वालीफाई करने पर सम्मानित किया गया। चिड़ावा पुलिस के कांस्टेबल अमित सिहाग को कई चर्चित आपराधिक मामलों के सफल खुलासे एवं अपराध अनुसंधान में उल्लेखनीय भूमिका के लिए सम्मानित किया गया। नगरपालिका खेतड़ी के सफाई निरीक्षक सुनिल सैनी को स्वच्छता व्यवस्था में सुधार एवं जनभागीदारी आधारित अभियान चलाने के लिए सम्मानित किया गया। बीसीएमओ कार्यालय खेतड़ी के चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेंद्र सैनी को जनस्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सम्मानित किया गया। वहीं जिला विशेष टीम के कांस्टेबल अमित मोटसरा को इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी, गंभीर मामलों के खुलासे एवं अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम सहयोगियों को भी मिला सम्मान

कार्यक्रम में समाज, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, जनसेवा एवं विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विभिन्न संस्थानों एवं संगठनों को भी सम्मानित किया गया। डॉ. मधुसूदन मालानी को चिकित्सा सेवा, जनकल्याण एवं शेखावाटी के विकास में सक्रिय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। मोदी वर्ल्ड स्कूल, विज्डम सिटी के चेयरमैन डॉ. दिलीप मोदी, डायरेक्टर आकाश मोदी, प्रिंसिपल डॉ. रविशंकर शर्मा तथा छात्रावास अधीक्षक कुरड़ाराम धींवा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, वैश्विक दृष्टिकोण एवं नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। बिरला पब्लिक स्कूल पिलानी को 80 वर्षों से अधिक समय से उत्कृष्ट आवासीय शिक्षा एवं नेतृत्व निर्माण की गौरवशाली परंपरा के लिए सम्मानित किया गया। बिरला स्कूल पिलानी को 125 वर्षों की समृद्ध शैक्षिक विरासत एवं आधुनिक शिक्षा में नवाचार के लिए सम्मानित किया गया। बिरला बालिका विद्यापीठ पिलानी को बालिका शिक्षा, वैश्विक नेतृत्व निर्माण एवं उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। महालक्ष्मी ज्वैलर्स के महासिंह मांठ को शुद्धता, विश्वास एवं उत्कृष्ट ग्राहक सेवा के साथ आभूषण व्यवसाय में उल्लेखनीय पहचान स्थापित करने पर सम्मानित किया गया। आरएपीएल ग्रुप (राजस्थान औषधालय प्रा. लि.) के साजिद दिवान को आयुर्वेद, अनुसंधान एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सात दशकों से अधिक के योगदान के लिए सम्मानित किया गया। नगरपालिका खेतड़ी को स्वच्छता, आधारभूत विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सम्मानित किया गया। एमडी ग्रुप ऑफ एजुकेशन चिड़ावा के चेयरमैन सुनिल डांगी को बोर्ड परीक्षाओं एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम देकर शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करने पर सम्मानित किया गया। नगर परिषद झुंझुनूं के एईएन लोकेश दूलड़ को शहरी विकास, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं जनहित कार्यों में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। नगरपालिका चिड़ावा के ईओ दिनेश नूनियां को जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, स्वच्छता एवं नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए सम्मानित किया गया। डूंडलोद गर्ल्स स्कूल बलवंतपुरा के सदस्य अनिकेत रणवां को आधुनिक, संस्कारयुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण बालिका शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। नगर पालिका पिलानी को शहरी सेवा शिविर-2026 के माध्यम से आमजन को त्वरित राहत एवं बेहतर नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सम्मानित किया गया। डॉ. अन्नूश्रीज़ श्री डायग्नोस्टिक्स झुंझुनूं के संरक्षक समाजसेवी शीशराम हलवाई को अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाओं के माध्यम से शेखावाटी में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सम्मानित किया गया। नगरपालिका विद्या विहार को शिक्षा नगरी के अनुरूप स्वच्छता, सुव्यवस्थित विकास एवं जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। वहीं कार्यक्रम के वेन्यू पार्टनर सोमरा मैरिज गार्डन चिड़ावा की वर्षा सोमरा तथा मनोज पचार को उत्कृष्ट आयोजन सुविधाएं एवं भव्य व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के लिए सम्मानित किया गया।

शेखावाटी की समस्याओं और संभावनाओं पर भी हुई चर्चा

वक्ताओं ने कहा कि शेखावाटी केवल सैनिकों की भूमि नहीं, बल्कि शिक्षा, उद्योग और उद्यमिता की भी राजधानी रही है। यहां से देश-विदेश में हजारों लोग विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना चुके हैं। यदि पानी, उद्योग और बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हो जाएं तो यह क्षेत्र विकास के नए आयाम स्थापित कर सकता है। कार्यक्रम में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, निवेश, नगर निकायों के विकास, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और सामाजिक सहभागिता जैसे अनेक विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। करीब दो घंटे तक चले इस कार्यक्रम में विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इसे केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि शेखावाटी के विकास से जुड़े मुद्दों पर गंभीर संवाद का मंच बताया। वक्ताओं ने कहा कि विकास केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और मीडिया की साझी भागीदारी से ही क्षेत्र को नई दिशा मिल सकती है।