लोक संस्कृति, इतिहास और विरासत संरक्षण में योगदान को किया याद, वक्ताओं ने बताया चूरू की सांस्कृतिक धरोहर का सच्चा संवाहक
चूरू।अमित कुमार
लोक संस्कृति शोध संस्थान नगरश्री में संस्थापक एवं आजीवन अध्यक्ष रहे सुबोध कुमार अग्रवाल की पुण्यस्मृति पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। कार्यक्रम के संयोजक सुनील भाऊवाला ने सुबोध कुमार अग्रवाल के जीवन से जुड़े कई प्रेरणादायक प्रसंग साझा करते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला।इस अवसर पर रमाकान्त अग्रवाल और श्यामसुन्दर शर्मा ने कहा कि सुबोध कुमार अग्रवाल लोक संस्कृति के प्रतिष्ठित संवाहक थे। उन्होंने चूरू जनपद की लोक परंपराओं, संस्कृति और विरासत को विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से संरक्षित एवं जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नगरश्री में संग्रहालय की स्थापना कर उन्होंने पुरातात्विक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की अनेक दुर्लभ धरोहरों का अमूल्य संग्रह तैयार किया।वक्ताओं ने बताया कि सुबोध कुमार अग्रवाल एक संवेदनशील कवि और गीतकार भी थे। चूरू मंडल के इतिहास से जुड़ी प्रमाणिक एवं शोधपरक सामग्री का संग्रह उनका उल्लेखनीय और श्रमसाध्य योगदान रहा, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।श्रद्धांजलि सभा में उमाशंकर शर्मा, छतरसिंह डागा, रामेश्वरलाल पंवार, ओमप्रकाश तंवर, डॉ. के.सी. सोनी, जगदीशप्रसाद रिबियेवाला, राजेन्द्र शर्मा ‘मुसाफिर’ सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।










