पुलिस लाइन सभागार में हुई बैठक, होटल-ढाबों और कारखानों में विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाने के आदेश
चूरू। जिले में बाल श्रम, बंधुआ मजदूरी और बाल तस्करी के उन्मूलन तथा पीड़ित बच्चों के पुनर्वास के उद्देश्य से चलाए जा रहे “उमंग सेवन” विशेष अभियान को लेकर सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में बैठक आयोजित की गई।बैठक एसपी निश्चय प्रसाद के निर्देशन में आयोजित हुई, जिसमें त्वरित अनुसंधान सेल के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक में निर्देश दिए गए कि जिले के कारखानों, होटल, ढाबों, ईंट-भट्टों और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाकर बाल श्रमिकों की पहचान की जाए। जहां भी बच्चे श्रम करते हुए पाए जाएं, उन्हें तत्काल मुक्त कराकर सुरक्षित संरक्षण उपलब्ध कराया जाए तथा बाल श्रम कराने वाले नियोक्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जाएं।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने रेलवे प्लेटफॉर्म, बस स्टैंड, धार्मिक स्थलों, हाईवे किनारे स्थित ढाबों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और अस्थायी डेरों में रहने वाले बच्चों की भी गहन स्क्रीनिंग के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा गुमशुदा अथवा मानव तस्करी की श्रेणी में पाया जाता है तो उसका पूरा विवरण और फोटोग्राफ संधारित कर उसके परिजनों का पता लगाकर उन्हें मिलाने के प्रयास किए जाएं।बैठक में मानव तस्करी विरोधी यूनिट के अधिकारी-कर्मचारी, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्य तथा जिले के सभी बाल कल्याण अधिकारी मौजूद रहे।पुलिस के अनुसार यह अभियान 30 जून तक पूरे जिले में चलाया जाएगा।









