पोक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला, 1.10 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया; 16 गवाहों और 34 दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर हुआ दोष सिद्ध

झुंझुनूं।अजीत जांगिड़
लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो एक्ट) के तहत विशिष्ट न्यायालय, झुंझुनूं ने नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी युवक को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी को गंभीर अपराधों में दोषी मानते हुए उस पर कुल 1 लाख 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मामले के अनुसार 2 और 3 सितंबर 2024 की मध्यरात्रि को बड़ागांव निवासी आरोपी युवक ने नाबालिग बालिका को घर से जबरन उठा लिया था। घटना से पहले आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर धमकीभरा वीडियो अपलोड किया था, जिससे पीड़ित परिवार और क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल बन गया था।.घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और गहन अनुसंधान शुरू किया। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य प्रमाण जुटाकर आरोपी को गिरफ्तार किया। अनुसंधान पूर्ण होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 137(2), 64(1), 351(3) बीएनएस 2023, धारा 3/4 पोक्सो एक्ट तथा धारा 84 किशोर न्याय अधिनियम के तहत न्यायालय में चार्जशीट पेश की । मामले में राज्य सरकार की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक सुरेन्द्र सिंह भांबू ने प्रभावी पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष 16 गवाहों के बयान और 34 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और तथ्यों को पर्याप्त मानते हुए न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया और कठोर सजा सुनाई। न्यायालय के इस फैसले को बाल अपराधों के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है। फैसले के बाद पीड़ित पक्ष ने संतोष जताया, वहीं क्षेत्र में भी इस निर्णय की व्यापक चर्चा रही।
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