आगामी पौधों को राखी बांध महिलाओं ने गाए मंगल गीत, लिया हरियाली बचाने का संकल्प,
सारी गांव के जीजाडिया जोहड़ में अनोखा रक्षाबंधन समारोह—‘पौधे हैं तो भविष्य है’ का दिया संदेश, चार साल में लगाए 8 हजार से अधिक पौधे
झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर ग्राम पंचायत सारी के जीजाडिया जोहड़ में भाई-बहन के प्रेम का पर्व प्रकृति संरक्षण के संकल्प के साथ मनाया गया। रामकृष्ण जयदयाल डालमिया सेवा संस्थान एवं ग्राम पंचायत सारी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने पौधों को भाई मानकर रक्षा सूत्र बांधे और मंगल गीत गाकर उनकी रक्षा व नियमित देखभाल का संकल्प लिया। इस पहल के माध्यम से रक्षाबंधन को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए ग्रामीणों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में रामकृष्ण जयदयाल डालमिया सेवा संस्थान के कृषि एवं वानिकी समन्वयक शुभेंद्र भट्ट, सरपंच उमेद सिंह बराला, ग्राम विकास अधिकारी रामनिवास चौधरी एवं एलडीसी राकेश बराला अतिथि के रूप में मौजूद रहे। ग्रामीण श्रमिकों, मैट बिमला शर्मा सहित बड़ी संख्या में महिलाओं और ग्रामीणों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
महिलाओं ने पारंपरिक विधि-विधान से पौधों की पूजा-अर्चना की, उन्हें राखी बांधी और मंगल गीतों के माध्यम से हरियाली संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर मिठाई बांटकर रक्षाबंधन की खुशियां साझा की गईं।
‘भाई की तरह पौधों की भी करनी होगी रक्षा’
सरपंच उमेद सिंह बराला ने कहा कि जिस प्रकार भाई अपनी बहन की रक्षा का संकल्प लेता है, उसी प्रकार प्रत्येक व्यक्ति को पौधों की रक्षा और देखभाल का संकल्प लेना चाहिए। पौधे आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन, स्वच्छ हवा और सुरक्षित पर्यावरण का आधार हैं। उन्होंने ग्रामीणों से लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।
एलडीसी राकेश बराला ने बताया कि ग्राम पंचायत के दोनों राजस्व ग्रामों में पिछले चार वर्षों के दौरान डालमिया सेवा संस्थान, ग्राम पंचायत और ग्रामीण श्रमिकों के संयुक्त प्रयास से 8 हजार से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं, जो वर्तमान में अच्छी वृद्धि कर रहे हैं। इस वर्ष दोनों राजस्व ग्रामों में एक लीटर पानी वाली पद्धति से 2500 पौधे लगाने का कार्य जारी है।
उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में डालमिया सेवा संस्थान और ग्रामीणों के सहयोग से संपूर्ण ग्राम पंचायत क्षेत्र को हरा-भरा बनाने तथा ग्राम पंचायत सारी को हरित ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। जीजाडिया जोहड़ क्षेत्र में भी पूर्व में सामूहिक प्रयासों से करीब 1200 पौधों का रोपण किया जा चुका है।
रक्षाबंधन पर पौधों को राखी बांधने की पहल के माध्यम से ग्रामीणों ने इन पौधों के संरक्षण, नियमित सिंचाई और देखभाल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
डालमिया सेवा संस्थान के परियोजना समन्वयक शुभेंद्र भट्ट ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक पर्व को प्रकृति संरक्षण से जोड़ना समाज में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत करने वाली पहल है। ‘पौधे हैं तो भविष्य है’ के संदेश के साथ प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।
कार्यक्रम में राजकुमार पचार, बिमला शर्मा, रघुवीर मावर, वीरेंद्र पचार उर्फ गुड्डू, विजय सिंह बराला, राजेंद्र पचार, बुधराम शर्मा, बबीता भाटीवाड़, लाजवंती, अंजू, महावीर, सरोज, चंद्रावली सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
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