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गांव की चौपाल से शहर के मोहल्लों तक गूंजेगी उपभोक्ता अधिकारों की आवाज , 101 दिन चलेगा न्यायोत्सव

झुंझुनूं में जिला उपभोक्ता आयोग अध्यक्ष मनोज कुमार मील द्वारा 101 दिवसीय उपभोक्ता की आवाज न्यायोत्सव-2 जागरूकता अभियान के शुभारंभ से संबंधित कार्यक्रम

जिला उपभोक्ता आयोग अध्यक्ष मनोज कुमार मील की अनूठी पहल , 5 फरवरी 2027 तक चलेगा ‘उपभोक्ता की आवाज न्यायोत्सव-2’ अभियान, पिछले साल 2 लाख 50 हजार 768 उपभोक्ताओं ने ली थी हर खरीद पर बिल लेने की शपथ, इस बार 101 दिन तक चलेगा जन-जागरूकता महाअभियान

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी अब कानून की किताबों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गांव की चौपालों से लेकर शहर के मोहल्लों और प्रमुख चौराहों तक पहुंचेगी। उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और अनुचित व्यापारिक व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने 101 दिवसीय ‘उपभोक्ता की आवाज न्यायोत्सव-2’ अभियान की शुरूआत की है।

मंगलवार से शुरू हुआ यह जन-जागरूकता महाअभियान 5 फरवरी 2027 तक चलेगा। पिछले वर्ष 30 दिन चले इस अभियान की अवधि इस बार बढ़ाकर 101 दिन कर दी गई है। अभियान का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत मिलने वाले कानूनी अधिकारों की जानकारी आमजन तक पहुंचाना, उपभोक्ताओं को जागरूक खरीदारी के लिए प्रेरित करना और शोषण की स्थिति में अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने के प्रति प्रोत्साहित करना है। पिछले वर्ष अभियान के पहले चरण में 2 लाख 50 हजार 768 उपभोक्ताओं ने प्रत्येक खरीद पर बिल लेने की शपथ ली थी। इस उत्साहजनक भागीदारी के बाद इस बार अभियान का दायरा और अवधि दोनों बढ़ाए गए हैं।

हर ग्राम पंचायत की चौपाल और शहरी वार्डों तक पहुंचेगा अधिकारों का संदेश

न्यायोत्सव-2 के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत की चौपाल तथा नगरपालिका और नगर परिषद के वार्डों के प्रमुख चौक-चौराहों पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत मिलने वाले कानूनी अधिकारों की जानकारी देने वाले फ्लेक्स लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से आम नागरिकों को उनके अधिकारों, जागरूक खरीदारी और शिकायत की स्थिति में उपलब्ध कानूनी उपायों की जानकारी दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाना है, ताकि वे अनुचित व्यापारिक व्यवहार को पहचान सकें और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी उपायों का सहारा ले सकें। उपभोक्ता अधिकारों के प्रति नई पीढ़ी को जागरूक करने के लिए विशाल जन-जागरूकता प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी।

इसके साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को उपभोक्ता संरक्षण कानून, जागरूक खरीदारी, सही जानकारी के महत्व और कानूनी संरक्षण के बारे में समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों की भागीदारी के जरिए जागरूकता का संदेश परिवारों और समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे नई पीढ़ी भी जिम्मेदार उपभोक्ता के रूप में अपनी भूमिका निभा सके। अभियान को व्यापक सामाजिक स्वरूप देने के लिए प्रशासन और पत्रकारों के सहयोग से खेल एवं साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से उपभोक्ता जागरूकता को जनसंवाद, रचनात्मक अभिव्यक्ति और सामाजिक सहभागिता से जोड़ा जाएगा।

उद्देश्य है कि उपभोक्ता अधिकारों का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे और यह पहल जनभागीदारी का रूप ले सके। 101 दिवसीय न्यायोत्सव की खास विशेषता यह रहेगी कि अवकाश के दिनों में भी तहसील एवं उपखंड स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील स्वयं उपस्थित रहेंगे। इससे स्थानीय नागरिकों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी देने और अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उपभोक्ता न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं से मुलाकात और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इनके माध्यम से उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ नए अधिवक्ताओं को उपभोक्ता कानून के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में राजकीय कर्मचारियों के बीच भी उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की जानकारी साझा करने के लिए कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। इसका उद्देश्य सरकारी तंत्र में उपभोक्ता अधिकारों के प्रति समझ विकसित करना और जागरूकता के संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाना है।

बिल लेने की आदत से लेकर अधिकारों के इस्तेमाल तक पर जोर

‘उपभोक्ता की आवाज न्यायोत्सव-2’ का मूल संदेश स्पष्ट है—जागरूक उपभोक्ता ही अपने अधिकारों की प्रभावी रक्षा कर सकता है। प्रत्येक खरीद पर बिल लेना, वस्तुओं एवं सेवाओं के संबंध में सही जानकारी प्राप्त करना और अधिकारों का उल्लंघन होने पर उपलब्ध कानूनी उपायों के प्रति जागरूक रहना उपभोक्ता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। 101 दिनों तक चलने वाली यह पहल उपभोक्ता जागरूकता को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।

अभियान की सफलता इस बात से तय होगी कि कितने लोग अपने अधिकारों को समझते हैं और जरूरत पड़ने पर उनका प्रभावी उपयोग करते हैं। ‘उपभोक्ता की आवाज न्यायोत्सव-2’—जागरूक उपभोक्ता, सशक्त समाज और अधिकारों के प्रति सजग नागरिकता की ओर एक महत्वपूर्ण पहल।

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