समर्पित उपार्जित अवकाश के बकाया भुगतान और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वैधानिक स्वत्वों के शीघ्र निस्तारण की मांग


चूरू। पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया का प्रशिक्षण लेने पहुंचे कर्मचारियों ने मंगलवार को भोजन और नाश्ते का बहिष्कार कर विरोध जताया। जिला मुख्यालय स्थित गोपालदास राजकीय कन्या महाविद्यालय में आयोजित प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में यह कदम उठाया।
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के जिलाध्यक्ष रिछपाल सिंह चारण ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर समर्पित उपार्जित अवकाश के बकाया भुगतान और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के समस्त वैधानिक स्वत्वों का शीघ्र निस्तारण करवाने की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है।
छह माह से अधिक समय बीतने पर भी भुगतान लंबित
जिलाध्यक्ष रिछपाल सिंह चारण ने कहा कि नियमानुसार कर्मचारियों को प्रतिवर्ष अप्रैल माह के वेतन के साथ समर्पित उपार्जित अवकाश का नगदीकरण किया जाना चाहिए। इसके बावजूद वित्तीय वर्ष के छह माह से अधिक समय बीतने पर भी भुगतान नहीं हुआ है। इससे कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।
उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ), राज्य बीमा, पेंशन, पेंशन के कम्यूटेशन, उपार्जित अवकाश के नगदीकरण और ग्रेच्युटी जैसे वैधानिक स्वत्वों के भुगतान के लिए आठ से दस माह तक इंतजार करना पड़ रहा है। भुगतान में देरी के कारण सेवानिवृत्त कार्मिकों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मांगों के समर्थन में भोजन-नाश्ते का बहिष्कार
महासंघ के जिला महामंत्री फूले सिंह बुरड़क ने बताया कि लंबित मांगों के समाधान के लिए प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर आंदोलन किया जा रहा है। इसी क्रम में कर्मचारियों ने पंचायत राज चुनाव के मतदान प्रशिक्षण के दौरान उपलब्ध करवाए जाने वाले भोजन और नाश्ते का बहिष्कार कर विरोध दर्ज करवाया।
महासंघ ने मांग की कि कर्मचारियों के बकाया भुगतान और सेवानिवृत्त कार्मिकों के वैधानिक स्वत्वों का शीघ्र निस्तारण किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक परेशानियों से राहत मिल सके। इस दौरान बाबू खां, प्रमोद कुमार शर्मा, निवास माली, हंसराज हुड्डा और अनिल कुमार लांबा सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।











