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सरपंच चाहे तो गांव को बना सकता है स्वर्ग, शिक्षा-स्वास्थ्य और जल संरक्षण से बदल सकती है तस्वीर – राजेश्वर सिंह

राज्य निर्वाचन आयुक्त की ग्रामीणों से अपील—प्रलोभन छोड़ विवेक से चुनें योग्य प्रतिनिधि, अधिकाधिक मतदान से मजबूत करें लोकतंत्र, ‘एक दीप लोकतंत्र के नाम’ कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी की सराहना,महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को बताया लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत, ढिगाल-मांडासी में मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं परखीं , कलेक्ट्रेट में चुनाव तैयारियों की समीक्षा कर निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान के दिए निर्देश

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
गांव की तस्वीर बदलने और विकास की नई इबारत लिखने की ताकत एक जनप्रतिनिधि के हाथों में होती है। यदि सरपंच ठान ले तो शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और जल संरक्षण जैसे क्षेत्रों में प्रभावी काम करके अपने गांव को स्वर्ग बना सकता है। इसलिए मतदाता किसी भी प्रलोभन में आए बिना अपने विवेक का इस्तेमाल करें और योग्य प्रतिनिधि चुनने के लिए अधिकाधिक मतदान करें। यह बात राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने ग्राम आबूसर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित ‘एक दीप लोकतंत्र के नाम’ कार्यक्रम में कही।

उन्होंने ग्रामीणों से पंचायतीराज चुनावों में जिम्मेदारी के साथ मतदान करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने का आह्वान किया। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने जिला प्रशासन की ओर से मतदाता जागरूकता के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कार्यक्रम में महिलाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति और उनकी सक्रिय भागीदारी को सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने कहा कि जागरूक मतदाता ही लोकतंत्र की असली ताकत हैं। पंचायत चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि गांव के भविष्य और विकास की दिशा तय करने का अवसर भी हैं।

सरपंच की इच्छाशक्ति बदल सकती है गांव की तस्वीर

राजेश्वर सिंह ने ग्रामीण विकास के लिए प्रभावी नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर देते हुए महाराष्ट्र की ग्राम पंचायत रालेगण सिद्धि का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि अन्ना हजारे की पहल से चर्चित इस गांव की तरह ग्राम पंचायतें भी शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और जल संरक्षण के क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से काम करके उल्लेखनीय बदलाव ला सकती हैं। इसके लिए जनप्रतिनिधियों की इच्छाशक्ति के साथ ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।

उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे मतदान के दौरान किसी भी प्रकार के प्रलोभन, दबाव या बहकावे में न आएं। अपने विवेक और जिम्मेदारी के आधार पर योग्य उम्मीदवार का चयन करें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक मतदाता की भागीदारी महत्वपूर्ण है और मतदान के अधिकार का इस्तेमाल करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

महिलाओं की भागीदारी लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति और उनकी सक्रिय भागीदारी की राज्य निर्वाचन आयुक्त ने विशेष रूप से सराहना की। महिलाओं के घूंघट में नहीं होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। महिलाओं को अपने मताधिकार का स्वतंत्र रूप से इस्तेमाल करना चाहिए और गांव के विकास से जुड़े निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने महिलाओं से आगामी पंचायतीराज चुनावों में अधिकाधिक संख्या में मतदान करने की अपील की।

साथ ही कहा कि जब महिलाएं जागरूक होकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेती हैं तो समाज और गांव के विकास को नई दिशा मिलती है। ‘एक दीप लोकतंत्र के नाम’ कार्यक्रम में ग्रामीणों और युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक रहने तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने की शपथ दिलाई गई। उपस्थित ग्रामीणों और युवाओं ने दीप प्रज्वलित कर लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

कार्यक्रम में बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिनकी राज्य निर्वाचन आयुक्त ने सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि मतदाता जागरूकता के ऐसे आयोजन आमजन को चुनाव प्रक्रिया से जोड़ने और जिम्मेदार मतदान के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर लायंस क्लब के सहयोग से ‘प्लास्टिक मुक्त झुंझुनूं अभियान’ के तहत अतिथियों ने नॉन-वोवन बैग वितरित किए। इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने का संदेश दिया गया।

जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने कहा कि पंचायतीराज चुनाव लोकतंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इनमें अधिकाधिक मतदाताओं की भागीदारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाती है। उन्होंने ग्रामीणों से शत-प्रतिशत मतदान का लक्ष्य हासिल करने के लिए स्वयं मतदान करने के साथ ही अपने परिवार, पड़ोसियों और आसपास के लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करने की अपील की। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने जिला प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे मतदाता जागरूकता अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि मतदाताओं को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना आवश्यक है।

इस तरह के कार्यक्रम मतदान के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने में प्रभावी साबित होते हैं। झुंझुनूं दौरे के दौरान राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने नवलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ढिगाल और मांडासी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में बनाए गए मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने मतदान दलों के ठहरने की व्यवस्था, मतदान केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं और चुनाव से संबंधित अन्य तैयारियों की जानकारी ली।

मांडासी में मतदान केंद्र पर की गई व्यवस्थाओं को लेकर वे संतुष्ट नजर आए। नवलगढ़ बॉर्डर पर जिला परिषद के सीईओ एवं एडीएम परशुराम धानका ने बुके भेंट कर राज्य निर्वाचन आयुक्त का स्वागत किया। निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी प्रांजल कंवर, विकास अधिकारी रितेश सांखला और तहसीलदार बजरंग मीणा साथ रहे। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी पंचायतीराज चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में जिला कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग, पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सागर और जिला परिषद के सीईओ एवं एडीएम परशुराम धानका ने चुनाव संबंधी विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी दी।

राजेश्वर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चुनाव से संबंधित व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने तथा सभी आवश्यक तैयारियां व्यवस्थित रखने पर जोर दिया। आबूसर में आयोजित कार्यक्रम का संचालन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान झुंझुनूं के प्रभागाध्यक्ष प्रमेंद्र कुल्हार ने किया।

इस अवसर पर स्वीप के राज्य प्रभारी सुधीर सोनी, जिला कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग, पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सागर, जिला परिषद के सीईओ एवं एडीएम परशुराम धानका सहित जिला स्तरीय अधिकारी, ग्रामीण, महिलाएं और युवा उपस्थित रहे।

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