शिव मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, कलश यात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

डीजे की धुन पर नाचते-गाते निकली महिलाओं की कलश यात्रा, जयकारों से भक्तिमय हुआ शिव कॉलोनी का माहौल

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खेतड़ी। झुंझुनूं।अजीत जांगिड़
गोठड़ा ग्राम पंचायत की शिव कॉलोनी थर्ड सेक्टर स्थित शिव मंदिर परिसर में बुधवार को श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा के शुभारंभ अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए भव्य कलश यात्रा निकाली। टाउनशिप के मुख्य मार्ग से होकर निकली कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान पूरा क्षेत्र भगवान के जयकारों से गूंज उठा और वातावरण भक्तिमय हो गया। मुख्य यजमान बनवारीलाल सैनी एवं मंजू देवी की यजमानी में पंडित कमलकांत शर्मा ने विधिवत पूजा-अर्चना एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश यात्रा का शुभारंभ करवाया। श्रद्धालुओं ने पूरे मार्ग में धार्मिक उत्साह के साथ भाग लिया। कलश यात्रा के कथा स्थल पर पहुंचने के बाद विधिवत रूप से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। चित्रकूट से आए कथा वाचक पुष्पेंद्र शर्मा ने कथा का वाचन शुरू किया। कथा के प्रथम दिन कथा वाचक पुष्पेंद्र शर्मा ने श्रीमद्भागवत कथा के महात्म्य, कथा श्रवण के महत्व तथा भगवान के प्रति भक्ति और समर्पण का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मनुष्य को सदाचार, संयम, सत्य और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला आध्यात्मिक माध्यम है। कथा श्रवण से मन में सकारात्मक विचारों का संचार होता है और व्यक्ति को अच्छे कर्म करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि कथा में सुनाए जाने वाले भगवान के प्रसंगों और लीलाओं को केवल सुनने तक सीमित न रखें, बल्कि उनके संदेश को अपने दैनिक जीवन में उतारें। कथा के दौरान भक्ति गीतों और भगवान के जयकारों से कथा स्थल का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा । कथा समिति के सदस्य बलराम सैनी ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक किया जाएगा। कथा का समापन 25 अगस्त को होगा। उन्होंने क्षेत्र के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा स्थल पर पहुंचकर धर्मलाभ लेने का आह्वान किया। कलश यात्रा एवं कथा शुभारंभ कार्यक्रम में हनुमान ठेकेदार, रामनिवास सैनी, मोहरसिंह, शीशराम सैनी, जुगल किशोर सैनी, बाबूलाल यादव, बुधराम सैनी, गौरीशंकर सैनी, कमला देवी, मीना देवी, छोटा देवी, भगवती देवी, शांति देवी, बिमला देवी, मनी देवी, शारदा देवी, सीमा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।