इस्लामपुर नाम परिवर्तन के विरोध में संघर्ष समिति का ऐलान, समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा
झुंझुनूं I अजीत जांगिड़
इस्लामपुर संघर्ष समिति ने क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रयास का विरोध करते हुए कहा है कि झुंझुनूं जिले की पहचान हमेशा आपसी सद्भाव, सैनिक परंपरा और सामाजिक एकता की रही है। समिति के प्रतिनिधि राजेंद्र फौजी ने गुरूवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए समाज में विभाजन पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से झुंझुनूं जिले ने सामाजिक समरसता की मिसाल कायम की है। यहां सभी जाति और धर्मों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं तथा सेना सहित विभिन्न सरकारी सेवाओं में देश की सेवा कर रहे हैं। जिले में धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में भी सभी समुदायों की समान भागीदारी रहती है। प्रेसवार्ता में इस्लामपुर सरपंच एवं संघर्ष समिति कमेटी के संरक्षक अमीन मणियार, कमेटी अध्यक्ष शैलेश भारती एवं अन्य सदस्यगण उपस्थित रहे । राजेंद्र फौजी ने आरोप लगाया कि मूल जनसमस्याओं से ध्यान हटाने के लिए समाज में जातीय और धार्मिक आधार पर विभाजन की राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों को आपसी भाईचारे को कमजोर करने वाले प्रयासों के प्रति सतर्क रहना होगा। यदि ऐसी प्रवृत्तियों पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में सामाजिक तनाव बढ़ सकता है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे एकजुट होकर सामाजिक सद्भाव बनाए रखें और ऐसी किसी भी मानसिकता का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करें जो समाज को बांटने का काम करती हो। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत रखना आवश्यक है। संघर्ष समिति ने बताया कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल जिले के प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत, उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ तथा सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजौर से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराएगा। समिति का कहना है कि विधानसभा चुनाव के दौरान क्षेत्र के विकास और बिना भेदभाव के कार्य करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को लेकर लोगों में असंतोष है। समिति ने कहा कि संबंधित नाम परिवर्तन से क्षेत्र को क्या वास्तविक लाभ होगा, इस बारे में सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। संघर्ष समिति ने दो टूक कहा कि जब तक मामले का संतोषजनक समाधान नहीं होगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।










