तबादलों और मीडिया प्रवेश प्रतिबंध पर शिक्षक संघ का सरकार के खिलाफ मोर्चा

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प्रेस वार्ता में लगाए राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप, मांगें नहीं मानीं तो 25 अगस्त को आंदोलन की चेतावनी

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चूरू। शिक्षकों के तबादलों और स्कूल परिसरों में मीडिया के प्रवेश को लेकर राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को चूरू के होटल सन सिटी में आयोजित प्रेस वार्ता में संघ पदाधिकारियों ने तबादला प्रक्रिया को अव्यवस्थित और पक्षपातपूर्ण बताते हुए इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप लगाए।संघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र शर्मा ने कहा कि तबादलों के कारण प्रदेश के अनेक विद्यालयों में शिक्षकों का संतुलन बिगड़ गया है, जिसका सीधा असर शिक्षण व्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष के चलते हजारों शिक्षकों को प्रताड़ित किया गया है। कई विद्यालयों में उच्च माध्यमिक स्तर की पढ़ाई तृतीय श्रेणी शिक्षकों के भरोसे संचालित होने का भी दावा किया गया।

विशेष श्रेणी के शिक्षकों की परिवेदनाओं पर भी सवाल

प्रदेश उपाध्यक्ष भंवरलाल कसवा ने कहा कि विधवा, परित्यक्ता, दिव्यांग, असाध्य रोग से पीड़ित एवं पति-पत्नी प्रकरणों में शिक्षकों की ओर से प्रस्तुत परिवेदनाओं के निस्तारण में भी पारदर्शिता नहीं बरती गई। उन्होंने सरकार से इन मामलों की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की।प्रदेश महामंत्री विजय पोटलिया ने दावा किया कि 10 जुलाई को तबादलों पर प्रतिबंध लगने के बावजूद नई तबादला सूची जारी होने की तैयारी है। संघ ने इस प्रक्रिया को लेकर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच करवाने की मांग उठाई।

मीडिया प्रवेश के आदेश पर भी जताई नाराजगी

प्रेस वार्ता में स्कूल परिसरों में मीडिया के प्रवेश को पूर्व अनुमति से जोड़ने संबंधी आदेशों की भी संघ पदाधिकारियों ने आलोचना की। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के विपरीत बताया।संघ नेताओं का आरोप है कि ऐसे आदेशों से शिक्षा व्यवस्था की जमीनी स्थिति और विद्यालयों की वास्तविक समस्याएं जनता तक पहुंचने में बाधा उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के बजाय समस्याओं पर खुलकर संवाद करना चाहिए।संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। 25 अगस्त को शिक्षकों द्वारा आंदोलन किए जाने की घोषणा भी की गई है।