‘मां से है माटी, मां से है माथा’ की गूंज से सराबोर हुआ चूरू

स्वाधीनता दिवस की पूर्व संध्या पर सांस्कृतिक कार्यक्रम में देशभक्ति और लोक संस्कृति का संगम, विभाजन विभीषिका प्रदर्शनी का भी किया गया अवलोकन

चूरू। स्वाधीनता दिवस की पूर्व संध्या पर जिला प्रशासन की ओर से शुक्रवार को मातुश्री कमला गोयनका टाउन हॉल में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। देशभक्ति गीतों और लोक संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियों ने माहौल को राष्ट्रप्रेम से भर दिया। कार्यक्रम में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, चूरू विधायक हरलाल सहारण, जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा, सीईओ श्वेता कोचर सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की। इससे पहले अतिथियों ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में विभाजन के दौरान लोगों द्वारा झेली गई त्रासदी और विस्थापन की स्मृतियों को दर्शाया गया।

देशभक्ति गीतों पर विद्यार्थियों ने बांधा समां

सांस्कृतिक कार्यक्रम में जिले की विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के विद्यार्थियों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। ‘मां से है माटी, मां से है माथा’, ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’, ‘तिरंगे की शान रहे’ और ‘ये देश है वीर जवानों का’ जैसे देशभक्ति गीतों पर विद्यार्थियों ने लोक संस्कृति और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।कार्यक्रम में सभी सीबीईओ टीमों के साथ श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी उमावि, सीजेआरएम पब्लिक स्कूल, राजकीय सर्वहितकारिणी बालिका उमावि, ग्लोबल इंग्लिश एकेडमी, लॉर्ड्स इंटरनेशनल स्कूल, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, आदर्श विद्या मंदिर और पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विभाजन विभीषिका पर वीडियो फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया और उपस्थित लोगों ने राष्ट्रगीत का सामूहिक गान किया।

राठौड़ बोले- विरासत और मातृभूमि के प्रति कृतज्ञ रहें

पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि देश को स्वतंत्रता बड़ी कुर्बानियों के बाद मिली है। स्वतंत्रता संग्राम में असंख्य वीरों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उन्होंने कहा कि भारत की ‘अनेकता में एकता’ की भावना सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की मजबूत मिसाल है।विभाजन विभीषिका का उल्लेख करते हुए राठौड़ ने कहा कि विभाजन भारतीय इतिहास का अत्यंत पीड़ादायक अध्याय रहा है। धर्म और संप्रदाय के नाम पर हुए विभाजन के दौरान बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए और उन्हें अपने घर-परिवार से बिछड़ना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी की स्मृतियों को भुलाया नहीं जा सकता।उन्होंने लोगों से भारतीय संस्कृति और विरासत को सहेजने तथा मातृभूमि के प्रति कृतज्ञ रहने का आह्वान किया। साथ ही देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाए रखने की बात कही।

भावी पीढ़ी तक पहुंचे लोक संस्कृति की विरासत

चूरू विधायक हरलाल सहारण ने कहा कि भारत अपनी विविध संस्कृति और परंपराओं के कारण दुनिया में अलग पहचान रखता है। हमारी जिम्मेदारी है कि लोक संस्कृति की इस विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाएं। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस को देश के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया।जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने भी संस्कृति, भाईचारे और एकत्व की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विविधताओं के बावजूद देश की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलक्टर अभिषेक सुराणा ने उपस्थित लोगों को शत-प्रतिशत मतदान करने की शपथ भी दिलाई।

‘डिजीहैप’ वेबसाइट का लोकार्पण, विद्यार्थियों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने पिछले वर्ष ऑपरेशन सिंदूर के लिए सिविलियन श्रेणी में सेना प्रमुख (सीओएएस) प्रशस्ति-पत्र प्राप्त करने पर जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा का अभिनंदन किया। इसके साथ ही कोड चूरू के विद्यार्थियों द्वारा तैयार ‘डिजीहैप’ वेबसाइट का लोकार्पण किया गया।विद्यार्थियों मयंक, लक्ष्मी, मोहित, आशीष, जाहिद और गौरव ने डिजीहैप, ‘एक पंचायत-एक खेल’ वेबसाइट और कोड चूरू की गतिविधियों से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिया। अतिथियों ने विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।कार्यक्रम में अभिषेक चोटिया, फतेहचंद सोती, दौलत तंवर, नरेंद्र काछवाल, सीताराम लुगरिया, दीनदयाल सैनी, गोपाल बालाण, नीरज जांगिड़ और हरीश वर्मा सहित बड़ी संख्या में नागरिक, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत श्वेता कोचर, भागचंद खारिया, संतोष महर्षि, सूर्यकान्त कुमावत, रामूराम बुंदेला, सरिता आत्रेय और सज्जन सिंह सहित अधिकारियों ने किया। कार्यक्रम का संचालन मुकुल भाटी और प्रमेंद्र शर्मा ने किया, जबकि जिया, ऋचा, तेजस्वी, चेतना और नुसरत ने सहयोग किया।