सप्त शक्ति कमांड के आर्मी कमांडर ने आधुनिक युद्धक अवधारणाओं, मिशन आधारित तकनीकी उपयोग और सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने पर दिया जोर; कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वी.एस. देशपांडे भी रहे मौजूद
बीकानेर । साहिल पठान
भारतीय सेना की ऑपरेशनल तैयारियों और आधुनिक युद्धक क्षमताओं की समीक्षा के लिए सप्त शक्ति कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने राजस्थान के बीकानेर स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अग्रिम क्षेत्रों में तैनात सैनिकों की तैयारियों का जायजा लिया और जवानों एवं अधिकारियों से सीधा संवाद किया। उनके साथ कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वी.एस. देशपांडे भी मौजूद रहे।
समीक्षा के दौरान सैनिकों की तत्परता, अनुशासन, युद्धक क्षमता और बदलते सुरक्षा वातावरण के अनुरूप तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया गया। आर्मी कमांडर ने सैनिकों की उच्च स्तर की ऑपरेशनल तैयारी और पेशेवर दक्षता की सराहना करते हुए उन्हें इसी प्रतिबद्धता को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
आधुनिक युद्धक अवधारणाओं को लगातार विकसित करने पर जोर
लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने बदलते युद्धक्षेत्र के अनुरूप सैन्य रणनीतियों और युद्धक अवधारणाओं को लगातार विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। आधुनिक युद्ध में तकनीकी बदलाव और बहुआयामी चुनौतियों को देखते हुए ऑपरेशनल कॉन्सेप्ट्स को समय के अनुरूप अपडेट करना महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा कि भविष्य की सैन्य चुनौतियों के लिए तैयार रहने के उद्देश्य से सेना को अपनी रणनीति, तकनीकी क्षमताओं और युद्ध लड़ने के तरीकों में निरंतर सुधार करना होगा।
मिशन आधारित तकनीकी उपयोग पर विशेष ध्यान
आर्मी कमांडर ने मिशन आधारित तकनीकी उपयोग यानी Mission-Oriented Technology Absorption की अहमियत भी रेखांकित की। इसका उद्देश्य नई तकनीकों को केवल सैन्य व्यवस्था में शामिल करना नहीं, बल्कि वास्तविक मिशन और ऑपरेशनल जरूरतों के अनुरूप उनका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है।
आधुनिक युद्धक्षेत्र में निगरानी, संचार, परिस्थितिजन्य जागरूकता, युद्धक्षेत्र से जुड़ी सूचनाओं और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में तकनीक को सैनिकों की वास्तविक ऑपरेशनल क्षमता का हिस्सा बनाना जरूरी है। उन्होंने सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन, प्रभावी नेतृत्व, आधुनिक तकनीक, युद्धक अवधारणाओं और जमीनी अनुभव के समन्वय पर भी जोर दिया।
रेगिस्तानी परिस्थितियों में प्रशिक्षण का अहम केंद्र है महाजन
महाजन फील्ड फायरिंग रेंज पश्चिमी क्षेत्र में भारतीय सेना के प्रशिक्षण और ऑपरेशनल तैयारियों के आकलन का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां राजस्थान के रेगिस्तानी भूभाग और चुनौतीपूर्ण मौसम में प्रशिक्षण के माध्यम से सैनिकों को कठिन परिस्थितियों में काम करने का अनुभव मिलता है। अग्रिम क्षेत्रों में तैनात सैनिकों से वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व का सीधा संवाद जमीनी स्तर की तैयारियों, आवश्यकताओं और चुनौतियों को समझने का अवसर भी प्रदान करता है।
भविष्य के युद्धक्षेत्र के लिए निरंतर तैयारी
महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में हुई समीक्षा के दौरान भविष्य की सैन्य जरूरतों के अनुरूप ऑपरेशनल तैयारियों को निरंतर विकसित करने की आवश्यकता सामने आई। बदलते युद्धक वातावरण में पारंपरिक सैन्य कौशल के साथ आधुनिक तकनीक, नए युद्धक सिद्धांतों और मिशन आधारित क्षमताओं का समन्वय महत्वपूर्ण है।
लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने सैनिकों की तत्परता और पेशेवर दक्षता की सराहना करते हुए भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने पर जोर दिया। इस दौरे का प्रमुख संदेश रहा कि आज की सैन्य तैयारियों को भविष्य के युद्धक्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप लगातार विकसित करना आवश्यक है।











