निकाय चुनाव से पहले भाजपा में अंदरूनी खींचतान तेज

43 से अधिक पार्षदों के साथ पूर्व सभापति सुमित रिणवा ने किया शक्ति प्रदर्शन, जिलाध्यक्ष पर लगाए अनदेखी के आरोप

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हनुमानगढ़। हिमांशु मिड्ढा
आगामी नगर परिषद और पंचायती राज चुनावों से पहले हनुमानगढ़ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के भीतर संगठनात्मक गतिविधियों के बीच अब अंदरूनी असंतोष भी खुलकर सामने आने लगा है। पूर्व सभापति एवं पूर्व पार्षद सुमित रिणवा के नेतृत्व में 43 से अधिक पार्षदों के प्रतिनिधिमंडल ने संभागीय चुनाव संचालन समिति के सदस्यों से मुलाकात कर संगठन की कार्यशैली पर सवाल उठाए और अपनी बात मजबूती से रखी।प्रतिनिधिमंडल ने संभागीय चुनाव संचालन समिति के सदस्य एवं पूर्व सांसद राजेंद्र गहलोत तथा भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच से मुलाकात की। इस दौरान पार्षदों ने आगामी निकाय चुनाव की तैयारियों, संगठन में जनप्रतिनिधियों की भूमिका तथा पार्टी स्तर पर समन्वय को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। बड़ी संख्या में पार्षदों की मौजूदगी को राजनीतिक हलकों में शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।मुलाकात के दौरान पूर्व सभापति सुमित रिणवा ने भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि पूर्व सिंचाई मंत्री डॉ. रामप्रताप के इशारे पर नगर परिषद के पार्षदों को संगठन की महत्वपूर्ण बैठकों और कार्यक्रमों की जानकारी नहीं दी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठकों एवं आधिकारिक कार्यक्रमों से भी जनप्रतिनिधियों को जानबूझकर दूर रखा जा रहा है, जिससे कार्यकर्ताओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों में असंतोष बढ़ रहा है।रिणवा ने कहा कि आगामी नगर परिषद चुनाव में भाजपा के पास बोर्ड बनाने का मजबूत अवसर है, लेकिन इसके लिए संगठन को सभी कार्यकर्ताओं, पार्षदों और वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर चलना होगा। यदि जनप्रतिनिधियों की लगातार अनदेखी होती रही तो इसका सीधा असर चुनावी तैयारियों और पार्टी के प्रदर्शन पर पड़ सकता है। उन्होंने संगठन से संवाद बढ़ाने और सभी को समान महत्व देने की मांग भी रखी।प्रतिनिधिमंडल में शामिल पार्षदों ने भी संगठन के समक्ष अपनी-अपनी बातें रखीं और चुनावी रणनीति में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि जमीनी स्तर पर जनता से जुड़े निर्वाचित प्रतिनिधियों की राय और अनुभव चुनाव में पार्टी के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।नगर परिषद चुनाव से ठीक पहले भाजपा के भीतर सामने आया यह घटनाक्रम राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि संभागीय चुनाव संचालन समिति और पार्टी नेतृत्व इस असंतोष को दूर करने के लिए क्या कदम उठाते हैं। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू या अन्य संबंधित पक्ष की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।इस मौके पर श्री सुमित कुमार रणवां (सभापति), श्री संजय कुमार, श्री स्वर्ण सिंह, श्री अब्दुल हाफिज,श्री मदनलाल बाघला, श्रीमती सलोचना देवी, श्री बलराज, श्रीमती परविन्द्र, श्रीमती मंजू रणवां, सुश्री नगीना बाई, श्री गुरदीप सिंह, श्रीमती सुनिता देवी, श्रीमती संतोष रानी, श्रीमती पूजा सैन, श्री अर्चित, श्रीमती सरोज देवी, श्री शेर सिंह, श्री लीलाधर, श्री भूपेन्द्र सिंह, श्रीमती रणजीत कौर, श्रीमती प्रमिला देवी, श्रीमती मंज़ू देवी, श्री प्रमोद कुमार, श्री भंवरलाल, श्री मनोज कुमार, श्री राजकुमार, श्री मुख्तयार अली, श्रीमती रहिसा बानो, श्री असलम अली, श्रीमती रेखा भार्गव, श्रीमती सुनीता, श्री प्रदीप कुमार, श्री कौर सिंह, श्रीमती रणजीत कौर, श्री सुरेशचन्द धमीजा, श्रीमती भगवानी देवी, श्री हेमसिंह, श्री सुनील कुमार अमलानी, श्री सिंगाराम, श्री राजेन्द्र कुमार, श्रीमती कुरेशा बीबी, श्रीमती रेखा, श्री रूपेन्द्र यादव मौजूद थे।

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