सीकर। राहुल टांक
गांव-ढाणियों और छोटे कस्बों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित करने का अवसर देने के उद्देश्य से सीकर की पोलर जेईई एकेडमी द्वारा पोलर ओलंपियाड 2026 का आयोजन किया जाएगा। इस ओलंपियाड के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को आईआईटी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। संस्था के डायरेक्टर सरदार सिंह रणवा ने बताया कि प्रतियोगिता में कुल 17 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी, जबकि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 15 लाख रुपये तक के नकद पुरस्कार भी दिए जाएंगे। इसके अलावा मेडल, ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र देकर प्रतिभाओं का सम्मान किया जाएगा। रविवार को सीकर के पिपराली रोड स्थित पोलर जेईई एकेडमी परिसर में पोस्टर विमोचन कर ओलंपियाड की औपचारिक घोषणा की गई। इस अवसर पर संस्था प्रधान सरदार सिंह रणवा, राजेंद्र कुमार जाट, भगवान राम और सर्वेश कसवां सहित कई शिक्षाविद मौजूद रहे। कार्यक्रम में बताया गया कि इस पहल का उद्देश्य केवल शहरों के विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे कस्बों के ऐसे होनहार छात्रों तक पहुंचना है, जिन्हें संसाधनों और बेहतर मार्गदर्शन की कमी के कारण अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर नहीं मिल पाता।
दो चरणों में होगी एग्जाम
आयोजकों के अनुसार पोलर ओलंपियाड का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण की ऑनलाइन परीक्षा 4 अक्टूबर, 18 अक्टूबर और 10 नवंबर 2026 को आयोजित होगी। विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार इन तीनों में से किसी एक तिथि का चयन कर परीक्षा दे सकेंगे। पहले चरण का परिणाम 21 नवंबर 2026 को घोषित किया जाएगा। इसके बाद चयनित विद्यार्थियों के लिए 6 दिसंबर 2026 को सीकर में ऑफलाइन फाइनल परीक्षा आयोजित की जाएगी।
ओलंपियाड का मकसद प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना
डायरेक्टर सरदार सिंह रणवा ने बताया कि फाइनल परीक्षा के दिन ही परिणाम घोषित किए जाएंगे और विजेता विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, नकद पुरस्कार, मेडल, ट्रॉफी तथा प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। उनका कहना है कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना, उनकी शैक्षणिक क्षमता का मूल्यांकन करना और उन्हें भविष्य की बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है।
पोलर ओलंपियाड वेबसाइट पर पूरी जानकारी
पोलर ओलंपियाड में कक्षा 5 से 12वीं तक के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। प्रत्येक कक्षा के निर्धारित पाठ्यक्रम के लगभग 30 से 40 प्रतिशत भाग से प्रश्न पूछे जाएंगे, ताकि विद्यार्थी अपनी तैयारी का सही आकलन कर सकें। इच्छुक छात्र-छात्राएं आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण कर अपनी पसंद की परीक्षा तिथि का चयन कर सकते हैं। संस्था का मानना है कि यह ओलंपियाड ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए बेहतर अवसर साबित होगा तथा उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच उपलब्ध कराएगा।













