समाज कल्याण विभाग की उपनिदेशक पर लगे आरोपों से उठे सवाल, मामले की निष्पक्ष जांच की मांग
सीकर।राहुल टांक
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की उपनिदेशक के आवास पर मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह के वरिष्ठजनों से घरेलू कार्य कराने के आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।वायरल वीडियो में एक वरिष्ठजन को कथित तौर पर उपनिदेशक के राधाकिशनपुरा स्थित आवास पर झाड़ू लगाते और अन्य घरेलू कार्य करते हुए देखा जा सकता है। आरोप है कि वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित वरिष्ठजन को वहां से हटाकर अन्य स्थान पर भेज दिया गया।कुछ लोगों का यह भी आरोप है कि वरिष्ठजनों को आवास तक लाने-ले जाने वाले एक दिव्यांग व्यक्ति पर संदेह जताते हुए पुनर्वास गृह के कुछ कर्मचारियों ने उसके साथ मारपीट की तथा उसका मोबाइल फोन छीन लिया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।सूत्रों के अनुसार, वीडियो में दिखाई देने वाला वरिष्ठजन पूर्व में मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह में रह चुका है। मामले के सामने आने के बाद पुनर्वास गृह की व्यवस्थाओं को लेकर भी कई सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, इससे पूर्व भी मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह के कुछ वरिष्ठजन अपने परिजनों के पास नहीं भेजे जाने को लेकर शिकायतें कर चुके हैं।
जिला कलक्टर ने भी लगाई थी फटकार
उल्लेखनीय है कि हाल ही में जिला कलक्टर आशीष मोदी ने विभागीय योजनाओं की जानकारी नहीं होने के मामले में उपनिदेशक प्रियंका पारीक को फटकार लगाई थी। बताया जाता है कि संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा के दौरान छात्रवृत्ति और पेंशन से संबंधित व्हाट्सएप सुविधा की जानकारी नहीं दे पाने पर जिला कलक्टर ने नाराजगी जताई थी।फिलहाल वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों को लेकर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।













