भ्रामक लेबलिंग पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: ‘स्टिंग क्लासिक किक’ की 6012 बोतलें सीज

‘स्टिमुलेट्स माइंड’ और ‘एनर्जाइजेज बॉडी’ जैसे दावों पर शिकंजा, नमूने जांच के लिए भेजे

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
राज्य सरकार के ‘शुद्ध आहार, मिलावट पर वार’ अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को भ्रामक लेबलिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के रीको शास्त्री नगर स्थित एक गोदाम से ‘स्टिंग क्लासिक किक’ पेय पदार्थ की 6012 बोतलें सीज कर दीं। कार्रवाई के दौरान उत्पाद के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि निरीक्षण के दौरान बोतलों के लेबल पर “स्टिमुलेट्स माइंड’ और ‘एनर्जाइजेज बॉडी’ जैसे दावे अंकित मिले। खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के दिशा-निर्देशों के अनुसार ऐसे दावे उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले माने जाते हैं, इसलिए इनके विरुद्ध कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी (एफएसओ) महेंद्र चतुर्वेदी के नेतृत्व में टीम ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत उत्पाद के नमूने लिए तथा गोदाम में रखे 200 कार्टून में पैक 6012 बोतलों को सीज कर दिया। सीएमएचओ डॉ. गुर्जर ने बताया कि एफएसएसएआई के निर्देशों के अनुसार कैफीनेटेड पेय पदार्थों पर “एनर्जी ड्रिंक”, “स्पोर्ट्स ड्रिंक”, “स्टिमुलेट्स माइंड” अथवा इसी प्रकार के प्रभाव दर्शाने वाले दावों का उल्लेख भ्रामक श्रेणी में आता है। इसी संबंध में हाल ही में पेय पदार्थ निर्माता कंपनियों को भी नोटिस जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अधिक कैफीन वाले ऐसे पेय पदार्थ गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं तथा बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। इसलिए इनके प्रचार-प्रसार और लेबलिंग पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने कहा कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रामक दावों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में भी ऐसे मामलों के विरूद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा।