नशे के खिलाफ जागरूकता की अलख, विद्यार्थियों को कानून का भी मिला ज्ञान

‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडेज’ के तहत जिलेभर के विद्यालयों में विधिक साक्षरता अभियान, न्यायिक अधिकारियों ने किया सीधा संवाद

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झुंझुनूं के तत्वावधान में जिलेभर के विद्यालयों में ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडेज – लीगल लिटरेसी एंड सेंसिटाइजेशन प्रोग्राम’ के अंतर्गत नशा मुक्ति एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराने के साथ-साथ उनके कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों की भी जानकारी दी गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार पांचोली के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान के तहत झुंझुनूं न्याय क्षेत्र के समस्त न्यायिक अधिकारियों तथा तालुका स्तर पर पदस्थापित न्यायिक अधिकारियों ने अपने-अपने निर्धारित विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद किया और उन्हें कानून के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. महेन्द्र के. सिंह सोलांकी ने बताया कि जुलाई माह के प्रथम मंगलवार के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को ड्रग्स एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के भविष्य को अंधकारमय बना देता है, इसलिए युवाओं को इससे दूर रहकर सकारात्मक जीवनशैली अपनानी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, मध्यस्थता, बाल अधिकार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं की भी विस्तृत जानकारी दी गई। न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का सरल एवं व्यवहारिक भाषा में उत्तर देते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। डॉ. सोलांकी ने विद्यार्थियों से कानून का सम्मान करने, अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग रहने तथा समाज के जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विधिक जागरूकता से ही न्यायपूर्ण और सशक्त समाज की नींव मजबूत होती है। उन्होंने बताया कि ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडेज’ कार्यक्रम के तहत प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को विद्यालयों में विधिक जागरूकता सत्र आयोजित किए जाते हैं। इन सत्रों का उद्देश्य विद्यार्थियों में विधिक चेतना विकसित करना, सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करना तथा कानून के प्रति सम्मान का भाव जागृत करना है।