सिंघाना ॥ झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
सिंघाना कस्बे के हरिदास मंदिर परिसर में नौ दिवसीय रामकथा का शुभारंभ किया गया। गोवर्धन से आए कथावाचक पंडित राघव चतुर्वेदी के सानिध्य में रामकथा का विधिवत रूप से पुजा अर्चना कर शुभारंभ किया गया। पंडित राघव चतुर्वेदी ने बताया कि ईच्छापूर्ण बालाजी महाराज के आशीर्वाद से नौ दिवसीय रामकथा का शुभारंभ किया गया है। नौ दिवस पूर्ण होने पर 10 जुलाई को हवन पूर्णाहुति दी जाएगी। कथावाचक राघव चतुर्वेदी ने कहा कि हिंदू धर्म में गौ सेवा सबसे बड़ा धर्म माना गया है। शास्त्रों के अनुसार गाय का दान करना भी मनुष्य जीवन में अति महत्वपूर्ण माना गया है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को जीव जंतुओं की रक्षा के लिए आगे आकर कार्य करने चाहिए। मनुष्य की पवित्र आत्मा एवं धार्मिक अनुष्ठानों से भगवान की दृष्टि को पाया जा सकता है। मनुष्य को अपने जीवन में शुद्ध एवं शाहकारी होना चाहिए, ताकि ईश्वर अपनी कृपा अपने भक्तों पर बनाकर रख सकें। हिंदू धर्म में देवी-दवताओं पूजन मात्र से ही दया दृष्टि को हासिल किया जा सकता है। कथा सुनने मात्र से ही मनुष्य का मन पवित्र हो जाता है। प्रत्येक व्यक्ति को धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर मन को शुद्ध करना चाहिए। हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को गौ माता की सेवा करने से पुण्य को हासिल किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान हरिदास मंदिर परिसर से कलश यात्रा का शुभारंभ किया गया जो कस्बे के विभिन्न मांगों से होते हुए वापस मंदिर परिसर में पहुंची, जहां कलश यात्रा विराजमान कर रामकथा का शुभारंभ किया। इस मौके पर अजय कुमार, बाबूलाल, दीपेश कुमार, नरेश कुमार, अमलेश नेहरा, रेखा जांगिड़, रामकला देवी, झुमरी, सपना देवी, राकेश देवी, पूनम, झीना देवी, शारदा देवी, इंदु स्वामी, निर्मला सैनी, ऊषा तंवर, शर्मिला देवी, बाला देवी, अनिता सहित अनेक ग्रामीण मौजूद थे।
सिंघाना में नौ दिवसीय रामकथा का हुआ शुभारंभ, मानव कल्याण के लिए प्रत्येक व्यक्ति निभाए भागीदारी
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