अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला लोकतंत्र के लिए खतरा : फूलचंद बार्बर

छात्र नवीन प्रकरण में माकपा ने एसपी को सौंपा ज्ञापन, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की जिला कमेटी ने छात्र नवीन के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार और मारपीट के मामले में निष्पक्ष जांच एवं दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर रविवार को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। जिला सचिव राजेश बिजारणियां के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि छात्र नवीन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें आरएसएस की विचारधारा की आलोचना की गई थी। लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को संविधान द्वारा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है और किसी भी विचार या संगठन की आलोचना करना लोकतांत्रिक अधिकारों के दायरे में आता है। इसके बावजूद छात्र को हिरासत में लेकर कथित रूप से प्रताड़ित किए जाने का आरोप गंभीर है और यह नागरिक अधिकारों तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। इस अवसर पर माकपा के राज्य सचिव मंडल सदस्य फूलचंद बार्बर ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर किसी भी प्रकार का हमला लोकतंत्र को कमजोर करता है। यदि किसी व्यक्ति की पोस्ट या विचारों को लेकर आपत्ति है तो उसका समाधान कानून के दायरे में होना चाहिए, न कि पुलिसिया दमन और प्रताड़ना के माध्यम से। ज्ञापन में मांग की गई कि मामले की निष्पक्ष जांच कर छात्र नवीन के साथ कथित दुर्व्यवहार और अत्याचार के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए तथा उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। माकपा जिला कमेटी ने चेतावनी दी कि यदि दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो लोकतांत्रिक एवं जनसंगठन व्यापक जन आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे। इस दौरान महिपाल पूनिया, रणधीर ओला, योगेश कटारिया, पंकज गुर्जर, अमित शेखावत, बजरंग बराला, साहिल खान सहित पार्टी के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।