सूरजगढ़ के योग शिविर में दिखा अनोखा ‘राजनीतिक योग संगम’

पूर्व सांसदअहलावत, विधायक श्रवण कुमार और पूर्व विधायक पूनियां ने एक साथ किया योग, सभी को एक साथ देखकर एसडीएम बोली—आज सभी नेताओं को एक मंच पर देखकर मन बहुत प्रसन्न हुआ

सूरजगढ़ I झुंझुनूं I अजीत जांगिड़
कस्बे में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को एक अनूठा नजारा देखने को मिला। आम दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और विरोधी खेमों के रूप में पहचाने जाने वाले नेता इस बार योग के मंच पर एक साथ दिखाई दिए। कार्यक्रम में पूर्व सांसद संतोष अहलावत, विधायक श्रवण कुमार और पूर्व विधायक सुभाष पूनियां न केवल एक ही कार्यक्रम में मौजूद रहे। बल्कि योगाभ्यास के दौरान एक ही लाइन में खड़े होकर योग क्रियाएं करते नजर आए। स्थानीय राजनीति में इन नेताओं के बीच अक्सर वैचारिक और राजनीतिक टकराव देखने को मिलता रहा है। कई मुद्दों पर एक-दूसरे के खिलाफ तल्ख बयान भी सामने आते रहे हैं। लेकिन योग दिवस पर यह तस्वीर राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर एकता और सामाजिक सौहार्द का संदेश देती नजर आई। इस राजनीतिक योग संगम की चर्चा तब और बढ़ गई जब कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीएम स्वाति झा ने भी मंच से अपनी खुशी जाहिर कर दी। उन्होंने कहा कि आज उनका मन बेहद प्रसन्न है क्योंकि उन्होंने एक ही मंच पर सभी जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक नेताओं को एक साथ बैठे देखा। उन्होंने कहा कि इससे अच्छा दृश्य न उनके लिए हो सकता है और न ही क्षेत्र के लोगों के लिए। इससे पहले पूर्व सांसद संतोष अहलावत, पूर्व विधायक सुभाष पूनियां, एसडीएम स्वाति झा आदि ने दीप प्रज्जवलन के साथ योग क्रियाएं शुरू करवाई। इस मौके पर बरासिया कॉलेज प्राचार्य डॉ. रवि शर्मा, पतंजलि योग प्रशिक्षक रामपाल सिहाग, कर्नल एनसीसी हरमिन्द सिंह तथा निवर्तमान प्रधान बलवान सिंह भी बतौर अतिथि मौजूद थे। नोडल अधिकारी डॉ. मनरूप काजला ने बताया कि योग शिविर में पतंजलि जिला योग प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में योग साधकों ने योग के कॉमन प्रोटोकॉल के अनुसार विभिन्न आसनों का अभ्यास किया। स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थियों ने योगासन प्रदर्शन कर कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया। अगवाना खुर्द, बेरला स्कूल के बच्चों तथा योग प्रशिक्षिकाओं रम्भा, अनन्या अग्रवाल, कीर्ति सहित एडवोकेट संदीप मान, हेतराम राजोरिया, वीरेंद्र शास्त्री, दीपक जांगिड़, बिजेश पूनियां आदि ने योग की विभिन्न मुद्राओं का प्रदर्शन किया। योग के क्षेत्र में सराहनीय योगदान देने वाले लगभग 25 भामाशाहों, योग साधकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

एसडीएम का ‘सच योग’, कहा— मैं नियमित योग नहीं करती

एसडीएम स्वाति झा ने अपने संबोधन में एक और दिलचस्प बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि वह स्वयं नियमित योग साधना नहीं करती हैं। कार्यक्रम में छोटे-छोटे बच्चों और बुजूर्गों को सहजता से योग करते देखकर उन्हें शर्म भी महसूस हुई कि वह ऐसा नहीं कर पा रही हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि निरोगी जीवन के लिए योग और नियमित व्यायाम बेहद जरूरी है तथा योग दिवस लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का एक बड़ा जन अभियान बन चुका है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच नेताओं की एकजुट तस्वीर और एसडीएम की बेबाक स्वीकारोक्ति दोनों ही चर्चा का विषय बनी रहीं। योग दिवस पर सूरजगढ़ से निकली यह तस्वीर यह संदेश भी देती नजर आई कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं। लेकिन समाज और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर सभी एक मंच पर आ सकते हैं।